अंतरिक्ष में सामान पहुंचाना भारत को पड़ता है करीब 3.5 गुना महंगा
एक नए अध्ययन में यह बात सामने आई है कि बड़े अंतरिक्ष शक्ति वाले देशों में भारत को सबसे ज्यादा खर्च करना पड़ता है। 2025 में देश को एक किलोग्राम सामान अंतरिक्ष में भेजने के लिए करीब 13,302 डॉलर (करीब 12 लाख रुपये) खर्च करने का अनुमान है। यह रकम दुनिया के औसत खर्च से करीब 3.5 गुना ज्यादा है, जो केवल 3,868 डॉलर (करीब 3.5 लाख रुपये) प्रति किलोग्राम है। बड़ी बात यह है कि अमेरिका, चीन और रूस जैसे देश अपने सैटेलाइट भेजने के लिए भारत से काफी कम खर्च करते हैं।
इस कारण आता है ज्यादा खर्चा
शोधकर्ताओं का कहना है कि भारत के रॉकेट दूसरे देशों के मुकाबले छोटे हैं। इस वजह से एक लॉन्च में कम वजन भेजा जाता है और प्रति किलोग्राम खर्च ज्यादा आता है।
दूसरी ओर, अमेरिका ने दोबारा इस्तेमाल होने वाले रॉकेटों (रियूजेबल रॉकेट्स) की मदद से लागत कम की है। 2025 में अकेले स्पेसे-X ने दुनिया के 75 फीसदी पेलोड अंतरिक्ष में भेजे।
अब हर देश सस्ते और ज्यादा असरदार लॉन्च की होड़ में है, जिससे अंतरिक्ष दौड़ और तेज हो गई है।