घर से काम करने वालों में ज्यादा होती है अकेलेपन की समस्या, अध्ययन में खुलासा
एक अध्ययन में पता चला है कि घर से काम करना (रिमोट वर्क) केवल आरामदेह कपड़े पहनने और मनचाहे घंटों में काम करने जैसा नहीं होता।
इसका संबंध अकेलेपन और मानसिक सेहत से जुड़ी दिक्कतों से भी है। शोधकर्ताओं ने 5.88 लाख से अधिक अमेरिकी कर्मचारियों के डाटा का अध्ययन किया।
यह डाटा 2011 से 2024 के बीच का था, जिसमें महामारी के सालों को शामिल नहीं किया गया था। अध्ययन में सामने आया कि रिमोट काम करने वाले कर्मचारियों ने उन लोगों की तुलना में ज्यादा अकेलापन महसूस करने और अकेले अधिक समय बिताने की जानकारी दी, जिनकी नौकरियों में घर से काम करने की संभावना कम थी।
मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं का इस्तेमाल बढ़ा
अध्ययन में यह भी पता चला कि रिमोट काम करने वाले लोगों में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं के इस्तेमाल में साफ बढ़ोतरी हुई है।
अकेलेपन और मानसिक तनाव में जितनी वृद्धि देखी गई, उसका लगभग एक-तिहाई हिस्सा घर से काम करने के इस तरीके से जुड़ा था।
बेशक, दफ्तर आने-जाने का रोजाना का सफर बच जाना अच्छा लगता है, लेकिन सहकर्मियों के साथ रोज की बातचीत छूट जाने का असर मानसिक सेहत पर पड़ सकता है।