ग्रीनलैंड के ग्लेशियर समुद्र में 4 गुना तेजी से छोड़ रहे बर्फ
एक नए अध्ययन से पता चला है कि 2000 के बाद से ग्रीनलैंड के ग्लेशियरों से समुद्र में गिरने वाले बर्फ के पहाड़ों की संख्या 4 गुना बढ़ गई है। ग्रीनलैंड और स्वालबार्ड के बीच मौजूद 'फ्रेम स्ट्रेट' में भी इसके बाद से बर्फ के पहाड़ों की मौजूदगी 4 गुना ज्यादा रिकॉर्ड की गई है।
वैज्ञानिकों ने यह भी बताया कि 2000 के बाद से ग्रीनलैंड और रूस के आर्कटिक क्षेत्र से आने वाले बड़े बर्फ के पहाड़ों के झुंडों में हर दशक में करीब 4.5 फीसदी का इजाफा हुआ है।
बर्फ के पहाड़ बदल रहे आर्कटिक का समुद्र तल
ये बर्फ के पहाड़ सिर्फ पानी में तैर नहीं रहे हैं, असल में ये अपने साथ चट्टानें और गाद भी गहरे समुद्र तक ले जाते हैं। इससे समुद्र तल पर नई पथरीली जगहें बन रही हैं, जहां अलग-अलग तरह के समुद्री जीव पनप सकते हैं। इस वजह से आर्कटिक का पूरा पारिस्थितिकी तंत्र बड़े पैमाने पर प्रभावित हो रहा है।
इसका असर इंसानों पर भी दिख रहा है। आर्कटिक के समुद्री रास्तों पर बर्फ के पहाड़ों की बढ़ती संख्या और नए जहाजरानी मार्ग खुलने से इन इलाकों में जहाज चलाना अब ज्यादा खतरनाक हो गया है।
अध्ययन के सह लेखक शाफाकत अब्बास खान कहते हैं, "जब ग्रीनलैंड की बर्फ पिघलती है तो समुद्र का स्तर बढ़ता है, लेकिन हम यह भी देख सकते हैं कि ये बदलाव पूरे आर्कटिक को प्रभावित कर रहे हैं।"