जल्द ही एक साधारण यूरिन टेस्ट से लगा सकते हैं मूत्राशय कैंसर का पता
एक बड़े क्लिनिकल स्टडी में यूरिन के एक आसान टेस्ट से मूत्राशय कैंसर का पता लगाने में बहुत अच्छे नतीजे मिले हैं। इसमें 10 में से 9 से ज्यादा मामलों की पहचान की गई। अध्ययन का कहना है कि इस आसान और बिना चीर-फाड़ वाले तरीके से चिकित्सक यह तय कर पाएंगे कि किन मरीजों को तुरंत और जांच की जरूरत है और कौन सुरक्षित रूप से इंतजार कर सकते हैं, जिससे हॉस्पिटल की सेवाओं पर दबाव कम हो सकता है।
2 सितंबर को 'यूरोपियन यूरोलॉजी ऑन्कोलॉजी' में छपी ये जानकारी अहम है क्योंकि मूत्राशय कैंसर की जांच में सिस्टोस्कोपी शामिल हो सकती है। यह एक इनवेसिव प्रक्रिया है, जिसमें यूरेथ्रा के जरिए ब्लैडर में कैमरा डाला जाता है।
तकलीफदेह प्रक्रिया से बच सकते हैं मरीज
जांच से पता चला है कि जिन मरीजों की जांच हुई, उनमें से केवल 8 फीसदी को ही मूत्राशय कैंसर था, ऐसे में ज्यादातर मरीजों को तुरंत सिस्टोस्कोपी की जरूरत नहीं पड़ती।
गेलियास मूत्राशय टेस्ट ने 964 मरीजों में से 77 मूत्राशय कैंसर के मामलों में से 71 की पहचान की, जिससे यह 92.2 फीसदी सटीक नतीजे दे पाया। इससे कई लोगों को बिना किसी नुकसान के तकलीफदेह जांच प्रक्रिया से बचाया जा सका।
शोधकर्ताओं का कहना है कि इससे अस्पतालों को उन मरीजों पर जल्दी ध्यान देने में मदद मिलेगी, जिन्हें वाकई ज्यादा जोखिम है। बाकी मरीजों के लिए भी यह आसान हो जाएगा क्योंकि उन्हें कम तनाव झेलना पड़ेगा और अपनी जांच के जवाब भी जल्दी मिलेंगे।