इंस्टाग्राम के लंबे समय तक इस्तेमाल से अपनी पहचान भूल रहे लोग, अध्ययन में खुलासा
मिलान की यूनिवर्सिटा कैटोलिका का एक नया अध्ययन बताता है कि इंस्टाग्राम पर जरूरत से ज्यादा समय बिताने से खुद को लेकर हमारी सोच बदल सकती है।
शोधकर्ताओं ने पाया है कि फिल्टर की हुई और बदली हुई तस्वीरों को लगातार देखते रहने से दिमाग के लिए अपना चेहरा पहचानना और अपने शरीर से जुड़ा महसूस करना मुश्किल हो जाता है। इस स्थिति को 'शरीर की पहचान के क्षरण का सिद्धांत' कहा है।
शोध में सीधे नुकसान का नहीं किया दावा
इस शोध में 95 लोगों (औसत उम्र 26 साल) पर वर्चुअल रियलिटी (VR) का इस्तेमाल किया गया। इसमें एक साफ पैटर्न सामने आया है, जो लोग जितना ज्यादा इंस्टाग्राम इस्तेमाल करते थे, वे उतनी ही ज्यादा किसी अनजान के चेहरे को अपना चेहरा समझने की गलती कर रहे थे।
यूनिवर्सिटा कैटोलिका के ह्यूमन टेक्नोलॉजी लैब के निदेशक प्रोफेसर ग्यूसेप रिवा का कहना है कि इससे चेहरे की पहचान पर असर पड़ता है, जो खुद की पहचान बनाने के लिए बेहद जरूरी है।
मुख्य शोधकर्ता डॉ. मारिया सासोनी ने यह भी चेतावनी दी कि जो युवा छोटी उम्र से ही सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते हैं, उन्हें आगे चलकर अपनी छवि को लेकर और भी बड़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।
हालांकि, यह अध्ययन सीधे-सीधे किसी नुकसान की बात नहीं कहता, लेकिन यह सोशल मीडिया के इस्तेमाल से जुड़े लंबे समय के मानसिक स्वास्थ्य और शरीर की छवि से जुड़ी गंभीर चिंताओं को जरूर सामने लाता है।