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38 साल से अंतरिक्ष से आ रहा अजीब सिग्नल, अब भी उलझन में वैज्ञानिक
38 साल से अंतरिक्ष से आ रहा अजीब सिग्नल (तस्वीर: नासा)

38 साल से अंतरिक्ष से आ रहा अजीब सिग्नल, अब भी उलझन में वैज्ञानिक

Feb 23, 2026
05:59 pm

क्या है खबर?

अंतरिक्ष वैज्ञानिक कि बीते करीब 40 सालों से अंतरिक्ष से पृथ्वी पर आने वाले एक अजीब से सिग्नल को डिटेक्ट कर रहे हैं। यह सिग्नल हर 22 मिनट में दोहराया जाता है और कुछ सेकंड से लेकर कई मिनट तक रहता है। वैज्ञानिकों के अनुसार, इस तरह का पैटर्न सामान्य रेडियो बर्स्ट जैसा नहीं है। आमतौर पर ऐसे सिग्नल तेजी से घूमने वाले पल्सर से आते हैं, लेकिन यह मामला अलग है।

स्रोत

कहां से आ रहा है यह सिग्नल?

यह रहस्यमय स्रोत GPM J1839-10 नाम से जाना जाता है और यह पृथ्वी से करीब 15,000 प्रकाश वर्ष दूर स्कूटम तारामंडल में स्थित है। इसकी पहचान 2022 में कर्टिन यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने की थी। पुराने रेडियो टेलीस्कोप डेटा से पता चला कि यह सिग्नल 1988 से लगातार मिल रहा है। तब से इसका पैटर्न लगभग समान बना हुआ है और हर 22 मिनट में रेडियो पल्स दर्ज किया जा रहा है।

व्यवहार

सामान्य नियमों से अलग व्यवहार

वैज्ञानिकों का कहना है कि यह सिग्नल खगोल विज्ञान के सामान्य नियमों को चुनौती देता है। आमतौर पर न्यूट्रॉन स्टार बहुत ही तेज घूमते हैं और मिलीसेकंड में ही सिग्नल भेजते हैं। हालांकि, यह स्रोत लगभग 1,000 सेकंड के अंतराल पर सिग्नल दे रहा है, जिसे वैज्ञानिक अजीब मान रहे हैं। इतनी धीमी गति से घूमने वाला पिंड इतना शक्तिशाली रेडियो बर्स्ट कैसे पैदा कर रहा है, यह अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है।

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संभावनाएं

नई बहस और संभावनाएं

कुछ वैज्ञानिकों का मानना है कि यह अल्ट्रा-लॉन्ग-पीरियड मैग्नेटर या किसी विशेष प्रकार का व्हाइट ड्वार्फ हो सकता है। यह स्रोत तथाकथित 'डेथ लाइन' के करीब माना जा रहा है, जहां से सामान्य रेडियो उत्सर्जन बंद हो जाना चाहिए। इस खोज ने वैज्ञानिकों को दोबारा सोचने पर मजबूर कर दिया है कि ब्रह्मांड में किस तरह के पिंड नियमित और स्थिर रेडियो सिग्नल भेज सकते हैं।

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