स्टारलिंक AI प्रशिक्षण के लिए करेगी यूजर डाटा का उपयोग, गोपनीयता नीति में किया बदलाव
क्या है खबर?
अरबपति एलन मस्क की एयरोस्पेस कंपनी स्पेस-X ने अपनी सैटेलाइट इंटरनेट सेवा स्टारलिंक के लिए वैश्विक गोपनीयता नीति को अपडेट किया है। नया वर्जन 15 जनवरी से प्रभावी है, जो यूजर डाटा का उपयोग मशीन लर्निंग या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) मॉडल को प्रशिक्षित करने के लिए करने की अनुमति देता है। इसके तहत कंपनी यूजर की सहमति के बिना इस डाटा को थर्ड-पार्टी सहयोगियों और सेवा प्रदाताओं के साथ शेयर कर सकेगी।
यूजर डाटा
यह डाटा किया जाता है स्टोर
स्टारलिंक यूजर का व्यापक डाटा एकत्र करती है, जिसमें लोकेशन, क्रेडिट कार्ड और कॉन्टैक्ट्स जानकारी के साथ-साथ IP एड्रेस भी शामिल हैं। यह सेवा ऑडियो-विजुअल जानकारी, साझा की गई फाइल कंटेंट और अन्य व्यक्तिगत जानकारी से प्राप्त निष्कर्षों जैसे संचार डाटा भी एकत्र करती है। नई गोपनीयता नीति में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि AI प्रशिक्षण के लिए किस प्रकार के डाटा का उपयोग किया जाएगा। यह बदलाव स्पेस-X के आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) से पहले किया है।
चिंता
गोपनीयता को लेकर बढ़ जाएगी चिंता
AI प्रशिक्षण के लिए व्यक्तिगत डाटा के उपयोग के कदम ने निजता की वकालत करने वालों और उपभोक्ता अधिकार समूहों के बीच चिंताएं बढ़ा दी। उनका तर्क है कि यह प्रथा निगरानी में वृद्धि और दुरुपयोग के नए रास्ते खोल सकती है। जॉर्जटाउन विश्वविद्यालय में प्रौद्योगिकी कानून के प्रोफेसर अनुपम चंदर ने कहा कि अगर, वह स्टारलिंक यूजर होते तो यह बदलाव निश्चित रूप से उन्हें चौंका देता। बता दें कि स्पेस-X की xAI के साथ बातचीत चल रही है।