स्टारलिंक को भारत में शुरुआत करने के लिए सरकारी मंजूरी का इंतजार
एलन मस्क की कंपनी स्टारलिंक को भारत में अपनी सैटेलाइट इंटरनेट सेवा शुरू करने की उम्मीद है। कंपनी इसके लिए सरकार की हरी झंडी का बेसब्री से इंतजार कर रही है।
स्टारलिंक ने लाइसेंस के लिए पहले ही आवेदन कर दिया है और उसे 'लेटर ऑफ इंटेंट' भी मिल चुका है। हालांकि, उन्हें अभी अंतिम मंजूरी का इंतजार है।
कंपनी की उपाध्यक्ष लॉरेन ड्रेयर ने बताया कि उन्होंने नियामक से खुलकर बात की है। उनका कहना है कि भारत में इंटरनेट कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने की दिशा में काम करने के लिए उन्हें काफी सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है।
प्रतिद्वंद्वी कंपनियां भी कर रहीं तैयारी
स्टारलिंक का कहना है कि वह भारत के दूर-दराज के इलाकों तक भरोसेमंद इंटरनेट पहुंचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इसके लिए कंपनी स्थानीय नियमों के अनुकूल एक खास मॉडल पर काम कर रही है।
ड्रेयर ने यह भी बताया कि अधिकारियों के साथ बातचीत अभी भी बेहतर तरीके से आगे बढ़ रही है, भले ही इसे लेकर देरी की अफवाहें फैल रही हों।
दूसरी ओर, यूटेलसैट वनवेब और जियो-स्पेस टेक्नोलॉजी लिमिटेड (SGS) जैसे प्रतिद्वंद्वी कंपनियों को अपना लाइसेंस मिल चुका है। वे भी अपनी सेवाएं शुरू करने के लिए सिर्फ स्पेक्ट्रम आवंटन का इंतजार कर रही हैं।