वैज्ञानिकों ने चूहों के दिमाग में विकसित किए इंसानी न्यूरॉन्स, कई बीमारियों के खुलेंगे राज
स्टैनफोर्ड के वैज्ञानिकों ने दिमाग से जुड़े रिसर्च में एक बड़ी खोज की है। उन्होंने चूहों के दिमाग के अंदर इंसानी न्यूरॉन्स पैदा किए हैं।
वैज्ञानिकों ने चूहे के दिमाग के कॉर्टेक्स का कुछ हिस्सा हटाकर उसकी जगह इंसानी दिमागी कोशिकाएं (ब्रेन सेल्स) डाल दीं। ये कोशिकाएं दिमाग का लगभग आधा हिस्सा बन गईं, फिर भी वे बिल्कुल सामान्य चूहों की तरह ही व्यवहार करते रहे।
इस खोज से अब यह समझने के नए रास्ते खुल गए हैं कि हमारा दिमाग कैसे काम करता है और कुछ बीमारियों में इसमें क्या गड़बड़ी होती है?
चूहों में विकसित हुए वॉन इकोनॉमो न्यूरॉन्स
ड्यूक लॉ की लॉ और फिलॉसफी की प्रोफेसर नीता फराहनी ने बताया कि वैज्ञानिकों ने न्यूरॉन्स को ज्यादा विकसित होने से पहले ही रोक दिया था, ताकि कोई खतरा न हो।
दिलचस्प बात यह है कि कम ऑक्सीजन मिलने पर इन चूहों ने ठीक वैसे ही प्रतिक्रिया दी, जैसे दिमागी चोट वाले नवजात बच्चे देते हैं।
इसके साथ ही इनमें वॉन इकोनॉमो न्यूरॉन्स भी विकसित हुए, जो सामाजिक व्यवहार और फ्रंटोटेम्पोरल डिमेंशिया से जुड़े हैं। इन न्यूरॉन्स से वैज्ञानिकों को इस दुर्लभ बीमारी को बेहतर ढंग से समझने और भविष्य में नए इलाज ढूंढने में मदद मिल सकती है।