"भले पत्नी को बेचो, लेकिन पैसे दो", युवराज मनचंदा हत्याकांड में खौफनाक चैट आई सामने
क्या है खबर?
गुरुग्राम में अडानी रियल्टी के 31 वर्षीय मैनेजर युवराज सिंह मनचंदा की हत्या की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे नए खुलासे हो रहे हैं। पुलिस को जांच में एक वॉट्सऐप मैसेज मिला है। इसमें लिखा था, "अपनी पत्नी को बेच दो या कुछ भी करो, लेकिन यह पैसा चुका दो।" इस मैसेज के सामने आने के बाद अब आरोपी अन्या वत्स और उसके साथी संयम सचदेवा से जुड़े ठगी के मामलों की परतें भी खुल रही हैं।
ठगी
परिचित से 1.2 करोड़ की ठगी कर चुके हैं आरोपी
टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, सचदेवा ने अपने पुरान स्कूल दोस्त से भी 1.2 करोड़ रुपये की ठगी की थी। इस संबंध में FIR भी दर्ज हुई थी, जिसमें शिकायतकर्ता ने कहा था कि सितंबर 2024 में उसे व्हाट्सऐप पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) के नाम से एक फर्जी नोटिस मिला था।
सचदेवा ने ऊंचे संपर्कों का हवाला देकर मामले को निपटाने की पेशकश की। इसके बदले में आन्या के बैंक खाते में 1.2 करोड़ रुपये जमा कराए।
26 करोड़
सचदेवा ने 26 करोड़ रुपये और मांगे
शिकायत के मुताबिक, बाद में सचदेवा ने पीड़ित से 26 करोड़ रुपये और मांगे। उसने कहा कि मामले को निपटाने के लिए 13.8 करोड़ रुपये सरकारी एजेंसियों को दिए जा चुके हैं।
इसी दौरान शिकायतकर्ता को कथित तौर पर एक व्हाट्सऐप मैसेज मिला, जिसमें पैसे लौटाने के लिए दबाव बनाया गया।
जांच में यह भी सामने आया है कि सचदेवा ने गृह मंत्रालय के नाम से फर्जी नोटिस भी तैयार किए।
संपत्ति
सचदेवा का संपत्ति को लेकर पत्नी से भी विवाद
पुलिस को सचदेवा की अलग रह रही पत्नी से जुड़े एक संपत्ति विवाद की भी जानकारी मिली है।
रिपोर्ट के अनुसार, ग्रेटर नोएडा में करीब 4.5 करोड़ रुपये की संपत्ति को लेकर भी कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। इस संबंध में सचदेवा की पत्नी की ओर से घरेलू हिंसा की शिकायत भी दर्ज कराई गई थी।
पुलिस अब पता लगा रही है कि क्या युवराज को इन गतिविधियों के बारे में जानकारी थी।
हत्याकांड
क्या है युवराज की हत्या का मामला?
युवराज 6 सितंबर को अपनी बहन के साथ शादी की शॉपिंग करने के बाद एक मीटिंग के लिए निकले थे। इस मीटिंग के लिए उन्हें अन्या ने ही बुलाया था।
इसके बाद से युवराज का फोन बंद था। परिजनों की शिकायत पर 11 सितंबर को गुमशुदगी का मामला दर्ज हुआ।
इसी बीच 10 सितंबर को गुरुग्राम पुलिस को एक शव बरामद हुआ, जिसका तय प्रक्रिया के बाद अंतिम संस्कार कर दिया गया। बाद में ये शव युवराज का निकला।
गिरफ्तारी
कैसे पकड़े गए अन्या और सचदेवा?
अन्या पहले युवराज के साथ ही काम करती थी। जांच में सामने आया कि उसका फोन 8 सितंबर से बंद था। पुलिस ने परिचितों से जानकारी ली तो पता चला कि उसने नई सिम ली है।
पुलिस ने लोकेशन के आधार पर ट्रैक किया तो अन्या और सचदेवा उत्तराखंड में मिले। दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया।
युवराज की हत्या के बाद दोनों कई घंटे तक शव को कार में लिए घूमते रहे। फिर नाले में फेंक उत्तराखंड चले गए।