वैज्ञानिकों ने ब्रह्मांड का नक्शा बनाने के लिए प्राचीन हाइड्रोजन सिग्नल खोजे
खगोलविदों ने दक्षिण अफ्रीका के मीरकैट रेडियो टेलीस्कोप का इस्तेमाल करके 4-5 अरब साल पुराने हाइड्रोजन सिग्नल खोजे हैं। इस बार उन्हें विजिबल-लाइट सर्वे की जरूरत नहीं पड़ी।
उन्होंने यह काम 'हाइड्रोजन इंटेंसिटी मैपिंग' नाम की तकनीक से किया। यह तकनीक कमजोर रेडियो तरंगों का पता लगाती है, जिससे वैज्ञानिक यह जान पाते हैं कि उस पुराने वक्त में ब्रह्मांड कैसा था?
लाखों प्रकाश-वर्ष तक फैला है नक्शा
कई रुकावटों के बावजूद इन प्राचीन सिग्नलों को अलग करके टीम ने ब्रह्मांड का एक नया नक्शा बनाया है, जो लाखों प्रकाश-वर्षों तक फैला हुआ है।
उनके इस काम से भविष्य में और भी बारीक नक्शे बनाने का रास्ता खुल गया है, खासकर तब जब जल्द ही स्क्वायर किलोमीटर ऐरे ऑब्जर्वेटरी जैसे बड़े प्रोजेक्ट शुरू होने वाले हैं।
इसका मतलब है कि हम अब इस बात को समझने के और करीब पहुंच रहे हैं कि अरबों सालों में अकाशगंगाओं और पदार्थ पूरे ब्रह्मांड में किस तरह फैले?