टाइप 2 डायबिटीज मरीजों के लिए खतरनाक हाे सकता है धूम्रपान
टाइप 2 डायबिटीज के मरीजों के लिए धूम्रपान करना ज्यादा खतरनाक हो सकता है। 48 अध्ययनों के एक मेटा-एनालिसिस में पता चला है कि डायबिटीज के जो मरीज धूम्रपान करते हैं, उनकी किसी भी कारण से मौत होने की संभावना उन डायबिटीज मरीजों के मुकाबले 55 फीसदी ज्यादा होती है, जो सिगरेट नहीं पीते।
इस शोध में कुल 11.3 लाख लोगों के डाटा का अध्ययन किया गया था। इसमें यह भी सामने आया कि धूम्रपान करने वाले डायबिटीज मरीजों में दिल से जुड़ी समस्याओं से मरने का 36 फीसदी अधिक खतरा होता है।
विशेषज्ञों ने की वैरेनिक्लाइन की सिफारिश
भारतीय डायबिटीज विशेषज्ञ डॉ. अनूप मिश्रा सहित 13 देशों के विशेषज्ञों का कहना है कि धूम्रपान छोड़ना टाइप 2 डायबिटीज के इलाज का एक अहम हिस्सा होना चाहिए।
इन विशेषज्ञों ने सुझाव दिया है कि जहां वैरेनिक्लाइन उपलब्ध हो, उसे धूम्रपान छुड़ाने की पहली दवा के तौर पर इस्तेमाल किया जाना चाहिए।
अगर, वैरेनिक्लाइन नहीं मिल पाती या किसी मरीज को सूट नहीं करती तो निकोटीन रिप्लेसमेंट थेरेपी या बूप्रोपियन जैसे विकल्प भी मौजूद हैं।
इसके अलावा, मरीजों को भरपूर मानसिक सहायता दी जाए और उनके ब्लड शुगर और वजन की लगातार जांच होती रहे, यह भी बहुत जरूरी है।
इन दिशा-निर्देशों में यह भी बताया गया है कि धूम्रपान करने से डायबिटीज की दिक्कतें और बढ़ जाती हैं। इसीलिए, हर मरीज के लिए एक खास 'छोड़ने की योजना' बनाना बहुत असरदार साबित हो सकता है।