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विक्रम-1 की सफलता के बाद स्काईरूट की हर महीने एक रॉकेट लॉन्च की योजना
स्काईरूट हर महीने एक रॉकेट लॉन्च की योजना बना रही है

विक्रम-1 की सफलता के बाद स्काईरूट की हर महीने एक रॉकेट लॉन्च की योजना

Jul 19, 2026
12:53 pm

क्या है खबर?

भारत के पहले निजी ऑर्बिटल रॉकेट विक्रम-1 लॉन्च के साथ इतिहास रचने के बाद स्काईरूट एयरोस्पेस अब आगे की ओर देख रही है। सह संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) पवन कुमार चंदना ने कहा कि कंपनी का अगला लक्ष्य एक भरोसेमंद कमर्शियल लॉन्च बिजनेस बनाना है और उनकी महत्वाकांक्षा है कि भविष्य में हर महीने एक रॉकेट लॉन्च किया जाए। इसके साथ ही अपने हाल ही में शुरू हुए इन्फिनिटी कैंपस में प्रोडक्शन बढ़ाने की योजना है।

विक्रम-2

3 गुना क्षमता के विक्रम-2 पर चल रहा काम 

चंदना ने CNBC-TV18 को बताया, "हमारा मुख्य फोकस और रॉकेट बनाना, उन्हें भरोसेमंद तरीके से लॉन्च करना और दुनियाभर में खुद को एक बहुत भरोसेमंद लॉन्च प्लेयर के तौर पर स्थापित करना है।"

कंपनी विक्रम-2 पर भी काम कर रही है, जो अगली जनरेशन का लॉन्च व्हीकल है और ऑर्बिट तक लगभग एक टन पेलोड ले जाने में सक्षम है।

यह विक्रम-1 की क्षमता से लगभग 3 गुना ज्यादा है। इसे 2027 के आखिर तक लॉन्च करने का लक्ष्य है।

उत्पादन 

उत्पादन बढ़ाने पर रहेगा जोर 

स्काईरूट एयरोस्पेस का इंफ्रास्ट्रक्चर इस तरह से डिजाइन किया गया है कि हर महीने एक रॉकेट बनाया जा सके।

चंदना ने कहा कि कंपनी अभी भी उस प्रोडक्शन रेट तक पहुंचने के लिए काम कर रही है।

उन्हें उम्मीद है कि विक्रम-1 लॉन्च से निर्माण में तेजी आएगी क्योंकि रॉकेट के कई सिस्टम अब उड़ान में साबित हो चुके हैं।

इस सफलता के बावजूद कंपनी आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) लाने में जल्दबाजी नहीं करना चाहती है।

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