भारत में बिना मास्क और CT स्कैन के SGRT से कैंसर के मरीज का किया इलाज
सर एचएन रिलायंस फाउंडेशन हॉस्पिटल ने भारत में पहली बार एडेप्टिव सरफेस-गाइडेड रेडियोथेरेपी (SGRT) तकनीक का सफल इस्तेमाल किया है।
इस नई तकनीक से इलाज के लिए मरीजों को न तो कोई मास्क लगाना पड़ता है और न ही पहले से कोई CT स्कैन कराना होता है। इससे कैंसर का इलाज अब और भी सटीक होने के साथ-साथ मरीजों के लिए ज्यादा आरामदायक बन गया है। इस खास तकनीक का पहली बार इस्तेमाल 50 साल के एक ऐसे मरीज पर किया गया, जो मुंह के कैंसर से जूझ रहे थे।
SGRT ने खून बहना बंद किया
यह मरीज एक ऐसे ट्यूमर के कारण भारी रक्तस्राव से परेशान होकर अस्पताल पहुंचा था, जिसका पहले किए गए इलाज से कोई फायदा नहीं हो रहा था।
SGRT तकनीक की मदद से चिकित्सक सीधे उसी जगह पर रेडिएशन दे पाए, जहां इसकी सबसे ज्यादा जरूरत थी।
नतीजतन, उनका खून बहना बंद हो गया और बाकी लक्षणों में भी कमी आई। मरीज की सेहत में तेजी से सुधार हुआ और उन्हें 13 मई को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
सिमुलेशन-मुक्त तरीका बढ़ा देगा इलाज की रफ्तार
रेडिएशन ऑन्कोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. प्रसाद राज डांडेकर बताते हैं कि यह सिमुलेशन-मुक्त तरीका इलाज में तेजी लाता है। इससे कैंसर के ज्यादा मरीजों तक आधुनिक इलाज पहुंच पाएगा, खासकर उन लोगों के लिए, जिन्हें तुरंत इलाज की आवश्यकता होती है।