अमेरिका में AI पर अविश्वास के लिए ट्रंप के पूर्व AI सलाहकार ने बताई यह वजह
हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सलाहकार का पद छोड़ने वाले श्रीराम कृष्णन मानते हैं कि कई अमेरिकी AI पर इसलिए भरोसा नहीं करते क्योंकि बड़ी टेक कंपनियों के प्रमुख ही इसके लिए जिम्मेदार हैं।
उन्होंने फाइनेंशियल टाइम्स को बताया कि दुनिया खत्म होने जैसे बड़े खतरों की डरावनी चेतावनियों ने AI के चिकित्सा के क्षेत्र में हुई बड़ी खोज जैसे असली फायदों को दबा दिया है। इसी वजह से लोग इस तकनीक को लेकर डरने लगे हैं।
अमेरिकियों की नजर में AI कुछ कंपनियों के लिए फायदेमंद
कृष्णन ने बताया कि ज्यादातर अमेरिकी मानते हैं कि AI से सिर्फ कुछ ताकतवर कंपनियों को ही फायदा मिलता है। जब हर तरफ नौकरी जाने और अस्तित्व के खतरों की खबरें सुर्खियों में छाई रहती हैं तो उनका मानना है कि लोग AI के उन फायदों को नहीं समझ पा रहे, जो असल में उनकी मदद कर सकते हैं।
व्हाइट हाउस की इक्विटी योजना का किया समर्थन
कृष्णन व्हाइट हाउस की एक योजना का समर्थन करते हैं, जिसके तहत बड़ी AI कंपनियों को अमेरिकी जनता को अपने शेयर देने के लिए कहा जाएगा।
उनका मानना है कि इस कदम से लोगों का भरोसा फिर से जीता जा सकता है। भले ही सिलिकॉन वैली के कुछ दिग्गज इसे 'बैकडोर राष्ट्रीयकरण' कहते हैं, लेकिन कृष्णन का कहना है कि यह सख्त लाइसेंसिंग नियमों से कहीं बेहतर है क्योंकि ऐसे नियम नवाचार की रफ्तार को धीमा कर सकते हैं।