अंटार्कटिका में बर्फ बढ़ने को वैज्ञानिकों ने बताया थोड़े समय की राहत
टेक्नोलॉजी
2021 से 2023 के बीच अंटार्कटिका में बर्फ की जो बढ़ोतरी देखी गई, उसकी मुख्य वजह बहुत ज्यादा और असामान्य बर्फबारी थी। वैज्ञानिकों का कहना है कि ऐसा कुछ खास और दुर्लभ मौसमी पैटर्न की वजह से हुआ।
गर्म होते समुद्रों से आई अतिरिक्त नमी ने भी इस बर्फबारी को बढ़ा दिया, लेकिन इससे पहले कि आप सोचें कि महाद्वीप अब ठीक हो रहा है, विशेषज्ञों ने साफ कर दिया है कि यह बस थोड़े समय के लिए मिली एक राहत थी, कोई स्थायी बदलाव नहीं।
बर्फ कम होने का सिलसिला जारी
बर्फ की यह थोड़ी-सी बढ़ोतरी हुई जरूर, लेकिन अंटार्कटिका से बर्फ के पिघलने का सिलसिला अब भी वैसे ही जारी है। ग्लेशियरों के पिघलने और लगातार गर्म हो रहे समुद्रों के कारण यह नुकसान नहीं रुक रहा है।
वैज्ञानिकों का अनुमान है कि इस लगातार हो रहे नुकसान की वजह से पूरी सदी तक समुद्र का जल स्तर ऊपर चढ़ता रहेगा।