लैब में बने ब्रेन ऑर्गेनोइड्स ने ब्रेल अक्षरों की पहचान में दिखाई सटीकता
ब्रिस्टल यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने हाल ही में एक शानदार उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने 3 ऑर्गेनॉइड्स से मिले संकेतों को जोड़कर एक कंप्यूटर की मदद से ब्रेल अक्षरों से जुड़ी न्यूरल प्रतिक्रियाओं को 83 फीसदी सटीकता के साथ पहचाना।
वैज्ञानिकों ने इन मिनी-ब्रेन को एक टैक्टाइल सेंसर से जोड़ा, जो ब्रेल पैटर्न को समझता है।
इससे यह साबित हुआ कि जैविक और इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम मिलकर प्रभावी ढंग से काम कर सकते हैं। यह शोध इस साल अक्टूबर में 'फ्रंटियर्स इन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI)' नामक जर्नल में प्रकाशित हुआ।
हर ऑर्गेनॉइड में थे लगभग 10,000 न्यूरॉन
हर ऑर्गेनॉइड में लगभग 10,000 न्यूरॉन थे। इन्हें एक ऐसे सेंसर से जोड़ा गया था, जो ब्रेल पैटर्न को उन संकेतों में बदलता था, जिन्हें ये मिनी-ब्रेन आसानी से समझ सकें।
3 ऑर्गेनॉइड्स का एक साथ इस्तेमाल करने से सटीकता 61 फीसदी से बढ़कर 83 फीसदी तक पहुंच गई। यह प्रयोग भविष्य में बायोहाइब्रिड कंप्यूटिंग के कई नए ऐप का आधार बन सकता है।
इससे जैविक और इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम के एक साथ मिलकर काम करने के बिल्कुल नए रास्ते खुलेंगे। यह बायोलॉजी और AI को एक साथ लाने की दिशा में एक अहम कदम है, जिससे वास्तविक दुनिया में बड़े बदलाव आ सकते हैं।