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वैज्ञानिकों को मंगल ग्रह पर मिले विशाल महासागर के प्रमाण
मंगल ग्रह पर मिले विशाल महासागर के प्रमाण

वैज्ञानिकों को मंगल ग्रह पर मिले विशाल महासागर के प्रमाण

Mar 05, 2026
04:58 pm

क्या है खबर?

मंगल ग्रह पर पानी के सबूत को लेकर वैज्ञानिक लंबे समय से अध्ययन कर रहे हैं। अब एक नए अध्ययन में दावा किया गया है कि अरबों साल पहले मंगल पर एक विशाल समुद्र मौजूद था। यूनिवर्सिटी ऑफ बर्न की लीडरशिप में एक इंटरनेशनल रिसर्च टीम ने इस अध्ययन को किया है। वैज्ञानिकों का कहना है कि उस समय मंगल की सतह का बड़ा हिस्सा पानी से ढका हुआ था और ग्रह का वातावरण आज से बिल्कुल अलग रहा होगा।

निशान

घाटियों में मिले नदी डेल्टा जैसे निशान

रिसर्च टीम ने मंगल की वैलेस मेरिनेरिस नाम की विशाल घाटी में कुछ खास भू-आकृतियों की पहचान की है। ये संरचनाएं धरती पर मिलने वाले नदी डेल्टा जैसी दिखाई देती हैं। आमतौर पर ऐसे डेल्टा वहां बनते हैं जहां कोई नदी समुद्र में जाकर मिलती है। वैज्ञानिकों का कहना है कि मंगल पर मिले ये निशान करीब 3 अरब साल पुराने हो सकते हैं और इससे वहां पुराने समुद्र के होने के मजबूत संकेत मिलते हैं।

समुद्र

कभी समुद्र से भरा हुआ था मंगल

रिसर्च में पाया गया कि ये सभी भू-आकृतियां लगभग एक ही ऊंचाई पर मौजूद हैं। इससे वैज्ञानिकों को मंगल के पुराने समुद्र के स्तर का अंदाजा लगाने में मदद मिली। उनके अनुसार उस समय घाटियों के भीतर पानी की गहराई करीब एक किलोमीटर तक हो सकती थी। वैज्ञानिकों का मानना है कि यह समुद्र आकार में पृथ्वी के आर्कटिक महासागर जितना बड़ा रहा होगा और मंगल के बड़े हिस्से में फैला हुआ था।

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सवाल

जीवन की संभावना पर बढ़े नए सवाल

इस खोज के बाद वैज्ञानिकों के बीच यह सवाल और मजबूत हो गया है कि क्या मंगल पर कभी जीवन मौजूद रहा होगा। अगर वहां लंबे समय तक पानी मौजूद था, तो जीवन के लिए जरूरी परिस्थितियां भी हो सकती थीं। शोधकर्ताओं का कहना है कि मंगल के पुराने जलवायु और पानी के इतिहास को समझकर भविष्य के अंतरिक्ष मिशन उन जगहों की पहचान कर सकते हैं जहां जीवन के संकेत मिलने की संभावना सबसे ज्यादा हो सकती है।

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