वैज्ञानिकों ने मस्तिष्क की नकल करने वाला AI मॉडल बनाया, बंदर के न्यूरॉन्स की ली मदद
क्या है खबर?
शोधकर्ताओं ने मानव मस्तिष्क की दृश्य प्रणाली की नकल कर एक अत्यंत कुशल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) मॉडल विकसित किया है, जो इस बात का संकेत देता है कि जीवित मस्तिष्क कम ऊर्जा से इतना अधिक कार्य कैसे कर पाते हैं। यह अभूतपूर्व शोध 'नेचर' पत्रिका में प्रकाशित हुआ है। टीम ने 6 करोड़ वेरिएबल वाले एक मॉडल से शुरुआत की, लेकिन इसे मात्र 10,000 वेरिएबल के साथ लगभग समान प्रदर्शन करने वाले वर्जन में कंप्रेस करने में सफल रही।
दावा
अल्जाइमर रोग का पता लगाने में करेगा मदद
कोल्ड स्प्रिंग हार्बर प्रयोगशाला के सहायक प्रोफेसर और इस अध्ययन के लेखक बेन काउली कहते हैं, "यह अविश्वसनीय रूप से छोटा है। इसे हम ट्वीट या ईमेल के जरिए भेज सकते हैं।" यह छोटा AI मॉडल न केवल कुशलतापूर्वक कार्य करता है, बल्कि एक जीवित मस्तिष्क की कार्यप्रणाली की नकल भी करता है। इससे अल्जाइमर रोग जैसे तंत्रिका संबंधी विकारों के अध्ययन के लिए नए रास्ते खुलते हैं। यह अध्ययन मानव दृश्य प्रणाली को समझने में भी योगदान देता है।
प्रशिक्षण
मॉडल को बंदर के डाटा से किया प्रशिक्षित
शोधकर्ताओं का लक्ष्य बड़े मॉडल्स को छोटे और अधिक सुगठित रूप में कंप्रेस करना था। उन्होंने मकाक बंदरों के डाटा पर प्रशिक्षित एक मॉडल से शुरुआत की और डिजिटल फोटो को कंप्रेस करने के लिए उपयोग की जाने वाली सांख्यिकीय तकनीकों का प्रयोग करते हुए अनावश्यक भागों की खोज की। इसका परिणाम एक ऐसा छोटा मॉडल था, जिसे ईमेल अटैचमेंट के रूप में भेजा जा सकता था। इससे टीम को कृत्रिम न्यूरॉन्स की गतिविधियों का अवलोकन करने का अवसर मिला।