2025 रहा अब तक का तीसरा सबसे गर्म साल, वैज्ञानिकों ने जताई यह चिंता
क्या है खबर?
2025 पृथ्वी पर तीसरा सबसे गर्म साल दर्ज हुआ है। अमेरिकी शोधकर्ताओं और यूरोपीय संघ के जलवायु निगरानीकर्ताओं ने इसकी पुष्टि की है। इस भीषण गर्मी से 2026 में भी राहत की कोई उम्मीद नहीं है। 3 वर्षों में वैश्विक तापमान में औसतन 1.5 डिग्री से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है। शोध संगठन बर्कले अर्थ के अनुसार, पिछले 11 वर्ष अब तक के सबसे गर्म रहे हैं, जिनमें 2024 पहले और 2023 दूसरे स्थान पर है।
आंकड़े
1850 से रिकॉर्ड किया जा रहा तापमान
यूरोपीय मध्यम-श्रेणी मौसम पूर्वानुमान केंद्र (ECMWF) के आंकड़ों से पता चला है कि पिछले 3 साल अब तक के सबसे गर्म वर्ष रहे हैं और 2025 का तापमान 2023 की तुलना में केवल 0.01 डिग्री कम रहा। ब्रिटेन की राष्ट्रीय मौसम सेवा UK मेट ऑफिस ने भी पुष्टि की है कि 1850 में रिकॉर्ड शुरू होने के बाद से 2025 तीसरा सबसे गर्म वर्ष है। ये तापमान आंकड़े विश्व मौसम विज्ञान संगठन द्वारा प्रकाशित किए जाने की संभावना है।
चिंता
तापमान में वृद्धि बन रही चिंता का विषय
ECMWF ने कहा कि पृथ्वी ने पहली बार 3 वर्षों की ऐसी अवधि दर्ज की है, जिसमें औसत वैश्विक तापमान औद्योगिक क्रांति से पहले के स्तर से 1.5 डिग्री अधिक रहा है। वैज्ञानिकों का कहना है कि यह सीमा वैश्विक तापवृद्धि के गंभीर परिणामों को जन्म दे सकती है। बर्कले अर्थ की रिपोर्ट में कहा, "2023-2025 के दौरान देखी गई तापमान वृद्धि अत्यधिक रही है और यह पृथ्वी के तापमान में वृद्धि की दर में तेजी का संकेत देती है।"