अंटार्कटिका में 20 लाख वर्ग किलोमीटर बर्फ हुई कम, वैज्ञानिकों ने जताई चिंता
फ्यूचर साइंस के मुताबिक, अंटार्कटिक की समुद्री बर्फ अपने सामान्य औसत से करीब 20 लाख वर्ग किलोमीटर कम हो गई है, जो एक बहुत बड़ी गिरावट है।
सितंबर, 2025 में इस क्षेत्र में समुद्री बर्फ अपने रिकॉर्ड में तीसरे सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई। इससे पहले 2023 और 2024 में भी इसमें भारी कमी देखी गई थी।
वैज्ञानिकों ने बताया कि वहां का तापमान लगभग एक महीने तक सामान्य से 25 डिग्री से भी ज्यादा रहा। यह साफ बताता है कि हमारी पृथ्वी की जलवायु प्रणाली कितनी तेजी से बिगड़ सकती है।
ग्रीनहाउस गैसों में कटौती की सलाह
अंटार्कटिक की समुद्री बर्फ का कम होना सिर्फ एक स्थानीय समस्या नहीं है। यह सूरज की रोशनी को परावर्तित करके समुद्र के तापमान को संतुलित बनाए रखती है।
बर्फ कम होने से समुद्र और भी ज्यादा गर्मी सोखने लगते हैं, जिससे ग्लोबल वार्मिंग तेज हो सकती है और पूरी दुनिया के मौसम के पैटर्न बिगड़ सकते हैं।
शोधकर्ता चेतावनी दे रहे हैं कि अगर, हम बड़े बदलावों से बचना चाहते हैं तो अभी ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन में तुरंत कमी लाना बेहद जरूरी है।