सैमसंग बना रही समुद्र पर तैरते AI डाटा सेंटर, कूलिंग के लिए होगा पानी का इस्तेमाल
सैमसंग अपने साझेदारों के साथ मिलकर तैरते हुए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) डाटा सेंटर बनाने में जुटा है। दरअसल, इसमें बड़े-बड़े कंप्यूटर सर्वर को जमीन पर रखने की बजाय सीधे जहाजों पर स्थापित किया जाएगा। इनका एक बड़ा फायदा यह होगा कि ये सीधे समुद्री पानी का उपयोग कूलिंग के लिए कर सकेंगे। इससे जमीन की बचत तो होगी ही, साथ ही तकनीक को पर्यावरण के लिहाज से ज्यादा बेहतर और लचीला बनाया जा सकेगा।
जहाज मालिकों को मिलेगा कमाई का मौका
इनकी योजना एक 50 मेगावाट (MW) का फ्लोटिंग डाटा सेंटर बनाने की है, जो हजारों AI सर्वर्स को बिजली दे पाएगा। ये जहाज समुद्र के अंदर बिछी केबल्स से जमीन से जुड़ सकते हैं या फिर LNG फ्यूल सेल का इस्तेमाल कर अपनी बिजली खुद भी बना सकते हैं।
जहाज मालिकों को इनसे कमाई का एक नया जरिया मिल सकेगा क्योंकि वे इन तैरते डाटा सेंटर्स को जाहज किराए पर दे पाएंगे।
सैमसंग इस बात का भी अध्ययन कर रही है कि समुद्र की लहरें और बदलता मौसम इन सर्वर्स के कामकाज को कैसे प्रभावित करते हैं।
जापान, चीन और अमेरिका जैसे देशों में भी ऐसे ही प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है। ऐसे में उम्मीद है कि यह जल्द ही एक बड़ा चलन बन जाएगा।