LOADING...
सुशांत सिंह राजपूत को सच्ची श्रद्धांजलि क्या है? बहन श्वेता सिंह कीर्ति ने बताया 
श्रीराम के अवतार में सुशांत सिंह राजपूत

सुशांत सिंह राजपूत को सच्ची श्रद्धांजलि क्या है? बहन श्वेता सिंह कीर्ति ने बताया 

Jun 14, 2026
10:57 am

क्या है खबर?

दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पुण्यतिथि के मौके पर उनकी बहन श्वेता सिंह कीर्ति ने अपने भाई को याद करते हुए सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट साझा किया है। श्वेता का ये दिल छू लेने वाला संदेश इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने बताया है कि सुशांत आज भी कैसे लाखों लोगों के दिलों में जिंदा हैं और उन्हें प्रेरित कर रहे हैं। उन्होंने बतताया कि कैसे सुशांत सबकी यादों में हमेशा जिंदा रहेंगे।

तस्वीरें

भगवान श्रीराम के रूप में नजर आए सुशांत

सुशांत की छठी पुण्यतिथि पर उनकी बहन श्वेता सिंह कीर्ति ने अभिनेता की कुछ पुरानी और अनदेखी तस्वीरें साझा कीं। इसके साथ ही उन्होंने AI से बनाई गई एक खास तस्वीर भी पोस्ट की, जिसमें सुशांत भगवान श्रीराम के रूप में नजर आ रहे हैं। भावुक नोट में श्वेता ने लिखा कि 6 साल बीत गए, समय आगे बढ़ता रहा, लेकिन कुछ आत्माएं और उनकी यादें समय की सीमाओं से परे अमर हो जाती हैं।

यादें

श्वेता ने यूं किया भाई की यादों को ताजा

श्वेता लिखती हैं, 'जब आज मैं भाई को याद करती हं, तो ये नहीं सोचती कि वो हमें कैसे छोड़कर गए, बल्कि सोचती हूं कि वो अपनी जिंदगी कैसे जीते थे। उनकी बच्चों जैसी उत्सुकता याद आती है, जिंदगी को लेकर उनका कभी न खत्म होने वाला लगाव, तारे, ब्रह्मांड व इंसानी दिमाग के रहस्यों को जानने की उनकी ललक याद आती है। उनके उस साफ दिल की याद आती है, जो बिना किसी भेदभाव के सबका सम्मान करता था।'

Advertisement

प्यार

सच्चा प्यार समय की सीमाओं में नहीं बंधता- श्वेता

श्वेता ने अपने संदेश में लिखा कि समय बीतने के साथ उन्हें एहसास हुआ है कि सच्चा प्यार समय की सीमाओं में नहीं बंधता। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति का शरीर भले ही दुनिया से चला जाए, लेकिन उसकी आत्मा और विचार लोगों के जीवन में हमेशा जीवित रहते हैं। श्वेता के अनुसार, जब कोई दया, सीख, उम्मीद और प्रेम को चुनता है, तब सुशांत सिंह राजपूत के विचार और उनकी विरासत आज भी लोगों के बीच जिंदा रहती है।

Advertisement

कामयाबी

उम्र से नहीं, प्रेरणा से तय होती है सफलता

श्वेता ने कहा कि सुशांत को सच्ची श्रद्धांजलि दुख मनाना नहीं, बल्कि उनके बताए मूल्यों को जीवन में अपनाना है। उन्होंने सुशांत के जीवन मंत्रों को याद करते हुए जिज्ञासु, दयालु और सीखते रहने की प्रेरणा दी, साथ ही निडर होकर बड़े सपने देखने की बात कही। श्वेता के अनुसार, सफलता उम्र से नहीं, बल्कि इस बात से तय होती है कि किसने कितने लोगों को प्रेरित किया। उनका मानना है कि सुशांत आज भी लाखों दिलों में जीवित हैं।

जानकारी

14 जून 2020 की वो काली तारीख

सुशांत 14 जून 2020 को मुंबई में अपने अपार्टमेंट में मृत पाए गए थे। उनकी मौत ने पूरे देश को गहरे सदमे में डाल दिया था। लंबे समय तक उनके न्याय के लिए प्रशंसकों ने सोशल मीडिया पर कई बड़े अभियान भी चलाए थे।

Advertisement