टेम्स नदी में माइक्रोप्लास्टिक प्रदूषण की जांच के लिए शुरू होगा शोध
टेम्स नदी में माइक्रोप्लास्टिक प्रदूषण की मात्रा जांचने के लिए एक नया रिसर्च प्रोजेक्ट शुरू हो रहा है। यह प्रोजेक्ट यूनिवर्सिटी ऑफ ईस्ट लंदन (UEL) के सस्टेनेबिलिटी रिसर्च इंस्टीट्यूट की डॉ. रिया डेवेरेक्स के नेतृत्व में चलेगा।
उनकी टीम नदी के 7 अलग-अलग स्थानों से पानी के नमूने इकट्ठा करेगी।
ये नमूने दक्षिण-पश्चिम लंदन में टेडिंगटन से लेकर एसेक्स तक के इलाकों से लिए जाएंगे। इस अध्ययन से पता चलेगा कि तूफान और जलवायु परिवर्तन जैसे कारक इस प्रदूषण को कैसे प्रभावित कर रहे हैं।
पर्यावरण नीतियों को आकार देंगे अध्ययन के नतीजे
इस शोध का मुख्य मकसद टेम्स में माइक्रोप्लास्टिक प्रदूषण का गहराई से अध्ययन करना है, ताकि इस जानकारी के आधार पर बेहतर पर्यावरण नीतियां बनाई जा सकें।
शोधकर्ता पानी के नमूनों को छानकर माइक्रोस्कोप और फुरियर ट्रांसफॉर्म इन्फ्रारेड (FTIR) नामक खास तकनीक से उनका विश्लेषण करेंगे।
इससे यह पता चलेगा कि पानी में किस तरह के प्लास्टिक मौजूद हैं। इन नतीजों को पर्यावरण से जुड़ी संस्थाओं और नीति निर्माताओं के साथ साझा किया जाएगा। इसका पूरा मकसद आने वाली पीढ़ियों के लिए टेम्स नदी को और अधिक स्वच्छ और स्वस्थ बनाना है।