घुटने के दर्द का इलाज हुआ आसान, कोलंबिया के वैज्ञानिकों ने जगाई नई उम्मीद
घुटने के ऑस्टियोआर्थराइटिस के साथ जीने का मतलब अक्सर दर्द झेलना या सर्जरी का सामना करना होता है, लेकिन कोलंबिया यूनिवर्सिटी के शोधकर्ता एक ऐसा नया तरीका लेकर आए हैं, जिससे यह तस्वीर बदल सकती है। उनका यह कम चीर-फाड़ वाला 'नी एम्बोलाइजेशन' तरीका खास इमेजिंग तकनीक का इस्तेमाल करके घुटने के सूजन वाले हिस्सों में खून के बहाव को रोकता है।
इससे दर्द में राहत मिलती है और लोगों को चलने-फिरने में आसानी होती है और यह असर अक्सर कुछ ही सप्ताहों में दिखने लगता है।
85 फीसदी तक मरीजों को मिलता है फायदा
'नी एम्बोलाइजेशन' का तरीका इंटरवेंशनल रेडियोलॉजिस्ट एक छोटे से कट के जरिए करते हैं। इसमें सूजन को कम करने के लिए रेत के दानों जितने छोटे कणों का उपयोग किया जाता है। इस पूरी प्रक्रिया में लगभग एक घंटा लगता है और ज्यादातर मरीज उसी दिन घर लौट जाते हैं।
अध्ययनों से पता चलता है कि 70 से 85 फीसदी मरीजों को लंबे समय तक आराम मिलता है। घुटने के ऑस्टियोआर्थराइटिस के मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं और इसी को देखते हुए कोलंबिया यूनिवर्सिटी इरविंग मेडिकल सेंटर के इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. स्टीफन रीस कहते हैं, "जब घुटने के दर्द के लिए और कोई अच्छा विकल्प नहीं होता तो नी एम्बोलाइजेशन तुरंत राहत दे सकता है।"