वैज्ञानिकों ने लैब में बनाई कृत्रिक कोशिका, जीवन के सिद्धांत समझने में मिलेगी मदद
मिनेसोटा यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने एक कृत्रिक कोशिका तैयार की है, जिसका नाम स्पडसेल है। यह न केवल खाना खा सकती है और बढ़ सकती है, बल्कि अपना DNA कॉपी कर खुद को 2 हिस्सों में बांट भी सकती है। हैरानी की बात यह है कि यह सब कुछ सिर्फ निर्जीव रसायनों का इस्तेमाल करके ही कर पा रही है।
असली कोशिका में बदलाव करने के बजाय शोधकर्ताओं ने बिल्कुल बुनियादी स्तर से शुरुआत की।
उन्होंने एक साधारण वसा की झिल्ली और कुछ खास आणविक मशीनों की मदद से इसे तैयार किया। यह शोध इस दिशा में एक बड़ा कदम है कि आखिर कोई चीज सजीव कैसे बनती है।
स्पडसेल ने खुद को 5 पीढ़ियों तक कॉपी किया
यह अपने कामों के लिए छोटे-छोटे DNA के टुकड़ों का इस्तेमाल करती है। खाने के लिए स्पडसेल खास प्रोटीन्स की मदद लेती है, जो दूसरे बुलबुलों के साथ मिलकर जरूरी सामान जुटाते हैं।
इस स्पडसेल ने खुद को कॉपी करने और विभाजित होने की 5 पीढ़ियां पूरी कर ली हैं। हालांकि, इसे अपने काम के लिए अभी भी वैज्ञानिकों की कुछ मदद लेनी पड़ती है।
वैज्ञानिकों की टीम को उम्मीद है कि यह सरल कोशिका मॉडल जीवन के बुनियादी सिद्धांतों को समझने के नए रास्ते खोलेगा। साथ ही, इससे भविष्य में बायोटेक या दवाइयों के क्षेत्र में भी बड़े बदलाव आ सकते हैं।