कैंसर इलाज के सबसे घातक खतरे को बेअसर करने के लिए दवा का चल रहा परीक्षण
लंदन की स्टार्टअप कंपनी पूलबेग फार्मा POLB 001 नाम की एक ओरल दवा के परीक्षण शुरू करने जा रही है। इसका लक्ष्य कैंसर के इलाज में होने वाले एक खतरनाक साइड इफेक्ट को रोकना है, जिसे साइटोकाइन रिलीज सिंड्रोम (CRS) कहते हैं।
यह इलाज के दौरान शरीर के अंगों को नुकसान पहुंचा सकता है और कई बार जानलेवा भी साबित होता है। जॉन्स एंड जॉन्स की ब्लड कैंसर की दवा (टेक्लिस्टामैब) ले रहे 30 मरीज इन परीक्षणों में हिस्सा लेंगे। ये परीक्षण 6 NHS अस्पतालों में होंगे।
CRS की रोकथाम में आ रहे सकारात्मक परिणाम
इम्यूनोथेरेपी से इलाज करा रहे लगभग 70 फीसदी मरीजों को CRS प्रभावित करता है, लेकिन इसे रोकने के लिए अभी तक कोई अनुमोदित तरीका नहीं है। POLB 001 दवा इलाज शुरू होने से पहले इम्यून सिस्टम को शांत करके काम करती है।
यह दवा पहले पुरानी सूजन (क्रोनिक इन्फ्लेमेशन) के लिए विकसित की गई थी, लेकिन अब CRS के खिलाफ भी इसके सकारात्मक परिणाम नजर आ रहे हैं। अगर, यह दवा सफल रहती है तो पूलबेग का मानना है कि 2031 तक यह लगभग 5 लाख ब्लड कैंसर मरीजों के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है।
इससे मरीजों की देखभाल में सुधार आएगा क्योंकि इसमें महंगी मॉनिटरिंग की जरूरत कम पड़ेगी।