वैज्ञानिक खोज रहे समुद्री पानी से लिथियम-मैग्नीशियम जैसे खनिज निकालने के बेहतर तरीके
पैसिफिक नॉर्थवेस्ट नेशनल लैबोरेटरी (PNNL) के वैज्ञानिक समुद्री पानी से मैग्नीशियम, लिथियम और निकल जैसे जरूरी खनिजों को निकालने के तरीकों पर काम कर रहे हैं।
अगर, वे इसमें सफल हो जाते हैं तो यह अगले 50,000 सालों तक दुनिया की ऊर्जा जरूरतों को पूरा कर सकता है, लेकिन इसमें एक बड़ी अड़चन है।
ये खनिज समुद्री पानी में बहुत कम मात्रा में होते हैं। इसलिए, इन्हें निकालना हमेशा से मुश्किल और महंगा रहा है। हालांकि, PNNL की नई तकनीक इस चुनौती को बदलने की उम्मीद जगा रही है।
मैग्नीशियम हाइड्रॉक्साइड निकालने की प्रक्रिया किया तेज
PNNL ने एक को-फ्लो रिएक्टर बनाया है, जो मैग्नीशियम हाइड्रॉक्साइड निकालने की प्रक्रिया को पुराने तरीकों से कहीं ज्यादा आसान और तेज बनाती है।
जब इसे डीसैलिनेशन प्लांट के साथ जोड़ दिया जाए तो यह हर दिन 10 लाख पाउंड (करीब 4.5 लाख किलोग्राम) से ज्यादा मैग्नीशियम हाइड्रॉक्साइड बना सकता है।
टीम बचे हुए खारे पानी और समुद्री घास का इस्तेमाल करके निकल को ज्यादा कुशलता से निकालने की कोशिश भी कर रही है।
हालांकि, इन तकनीकों को बड़े पैमाने पर लागू करना और यह पक्का करना कि ये पर्यावरण के अनुकूल हों, आगे बड़ी चुनौतियां हैं।
अगर, वे कामयाब हो जाते हैं तो समुद्री जल खनन भविष्य की ऊर्जा जरूरतों के लिए जरूरी खनिजों को हासिल करने के तरीके में एक बड़ा बदलाव ला सकता है।