वैज्ञानिकों ने समुद्री स्क्वर्ट में दिमाग को जवान रखने की क्षमता का पता लगाया
वैज्ञानिकों के मुताबिक, कोरिया और जापान में पसंद किया जाने वाला समुद्री जीव समुद्री स्क्वर्ट दिमाग के बुढ़ापे से लड़ने में मददगार हो सकता है।
इन जीवों में प्लास्मलोजेन्स नाम के खास लिपिड (एक तरह का फैट) भरपूर मात्रा में मिलते हैं। ये लिपिड दिमाग में बड़ी संख्या में मौजूद होते हैं, लेकिन उम्र बढ़ने के साथ इनकी मात्रा अपने आप कम होने लगती है।
प्लास्मलोजेन्स का स्तर कम होने का संबंध अल्जाइमर और पार्किंसन जैसी बीमारियों से जोड़ा जाता है। यही वजह थी कि वैज्ञानिकों ने यह जानने की कोशिश की कि अगर, इनके स्तर को बढ़ाया जाए तो क्या असर होगा?
प्लास्मलोजेन्स ने बूढ़े चूहों की याददाश्त बेहतर की
जब बूढ़े चूहों को समुद्री स्क्वर्ट से निकले प्लास्मलोजेन्स दिए गए तो उनकी सीखने और याद रखने की क्षमता में काफी सुधार आया। भूलभुलैया वाले टेस्ट में उनका प्रदर्शन युवा चूहों के बराबर हो गया था।
उनके दिमाग में सिनैप्सिस (दिमाग की कोशिकाओं के बीच के कनेक्शन) भी ज्यादा बने और सूजन भी कम हुई। हालांकि, अभी यह शोध शुरुआती दौर में है और केवल चूहों पर ही किया गया है, लेकिन इस अध्ययन से यह इशारा मिलता है कि समुद्री जीवों से मिलने वाले ये लिपिड चूहों में मिले इन सकारात्मक नतीजों का कारण हो सकते हैं।