AI का सही इस्तेमाल नहीं करने वाले छात्र पढ़ाई में हो रहे कमजोर
प्रोग्राम फॉर इंटरनेशनल स्टूडेंट असेसमेंट (PISA) 2025 की नई रिपोर्ट से पता चला है कि जो छात्र अपने असाइनमेंट लिखने के लिए लगभग हर दिन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) चैटबॉट का इस्तेमाल करते हैं, विज्ञान में उनके नंबर कम आते हैं।
रोजाना AI का इस्तेमाल करके असाइनमेंट बनाने वाले छात्रों को विज्ञान में 481 नंबर मिले, वहीं जिन छात्रों ने कभी चैटबॉट की मदद से असाइनमेंट नहीं बनवाए, उन्हें 509 नंबर हासिल हुए। यह फर्क लगभग 1.5 साल की स्कूली शिक्षा के बराबर है।
सही ट्रेनिंग लेने वालों को मिलें ज्यादा अंक
AI का सही इस्तेमाल कैसे किया जाए, इस पर सभी छात्रों को एक जैसा मार्गदर्शन नहीं मिल पाता।
ज्यादातर छात्रों ने बताया कि उन्हें AI से बने कंटेंट की जांच कैसे करनी है, यह सिखाया गया था, लेकिन जो छात्र वंचित तबके से आते हैं, वे अक्सर इस ट्रेनिंग से चूक गए।
जिन छात्रों को AI के सही उपयोग की ट्रेनिंग मिली, उन्होंने विज्ञान में उन छात्रों से 14 नंबर ज्यादा हासिल किए, जो बिना किसी ट्रेनिंग के AI का बेहिचक इस्तेमाल कर रहे थे।
OECD के शिक्षा प्रमुख एंड्रियास श्लेइकर का कहना है कि AI को सहारे की तरह इस्तेमाल करना चाहिए, न कि बैसाखी की तरह।