पेन स्टेट ने बनाए आंख जैसे काम करने वाले सेंसर, सेल्फ-ड्राइविंग कारों की मुश्किल हल
पेन स्टेट के वैज्ञानिकों ने कुछ ऐसे नए सेंसर बनाए हैं, जो बिल्कुल हमारी आंखों की तरह काम करते हैं। ये सेंसर रोशनी के बदलाव को वैसे ही संभालते हैं, जैसे हमारी आंखें करती हैं।
इससे सेल्फ-ड्राइविंग कारों के लिए देखना बहुत आसान हो जाएगा, खासकर रात में जब सामने से आने वाली लाइट या स्ट्रीटलाइट की चकाचौंध की वजह से सब धुंधला दिखता है।
इस नई तकनीक से कारें मुश्किल रोशनी में भी चीजों को बहुत सही तरीके से पहचान सकेंगी, जबकि अभी के कैमरों और लिडार सिस्टम को अक्सर ऐसे में परेशानी होती है।
95 फीसदी सटीकता से पहचानते हैं अक्षर
इन छोटे-छोटे डिवाइस को फोटोमेमरिस्टर कहा जाता है। ये खास तरह के पदार्थों से बने होते हैं, जो बिल्कुल हमारी आंखों के रेटिना की तरह अपनी संवेदनशीलता को बदल पाते हैं।
टेस्टिंग के दौरान इन फोटोमेमरिस्टर्स ने मिली-जुली रोशनी में प्रकाशित अक्षरों को 95 फीसदी से ज्यादा सटीकता के साथ पहचान कर दिखाया। यह तकनीक सिर्फ ड्राइवरलेस कारों के लिए ही नहीं, बल्कि रोबोटिक्स, स्मार्ट कैमरों और दृष्टि सहायकों जैसे क्षेत्रों को भी बेहतर बना सकती है।