OpenAI ने GPT-5.3 कोडेक्स मॉडल किया लॉन्च, जानिए क्या है इसकी खासियत
क्या है खबर?
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कंपनी OpenAI ने बीती रात अपना नया कोडेक्स मॉडल GPT-5.3 कोडेक्स लॉन्च कर दिया है। कंपनी का दावा है कि यह अब तक का सबसे सक्षम और तेज एजेंटिक कोडिंग मॉडल है। यह मॉडल सिर्फ कोड लिखने तक सीमित नहीं है, बल्कि जटिल तकनीकी और प्रोफेशनल कामों को भी आसानी से संभाल सकता है। OpenAI के अनुसार, यह मॉडल खुद OpenAI के सिस्टम को बेहतर बनाने में भी इस्तेमाल किया गया है।
भूमिका
खुद को बनाने में भी निभाई भूमिका
OpenAI ने बताया कि GPT-5.3 कोडेक्स पहला ऐसा मॉडल है, जिसने खुद के डेवलपमेंट में भी योगदान दिया है। शुरुआती वर्जन का इस्तेमाल ट्रेनिंग से जुड़ी गलतियों को सुधारने, सिस्टम को सही तरीके से डिप्लॉय करने और टेस्ट रिजल्ट को गहराई से समझने में किया गया। इसका मतलब है कि मॉडल ने इंसानी डेवलपर्स की तरह सोचते हुए सिस्टम को बेहतर बनाने में मदद की है। यह AI की दुनिया में एक बड़ा और नया बदलाव माना जा रहा है।
काम
क्या-क्या कर सकता है नया कोडेक्स?
कंपनी के मुताबिक GPT-5.3 कोडेक्स लंबे और मुश्किल काम अब पहले से ज्यादा आसानी से कर सकता है। इसमें रिसर्च करना, अलग-अलग टूल्स का इस्तेमाल करना और कई स्टेप वाले टास्क पूरे करना शामिल है। खास बात यह है कि डेवलपर मॉडल के साथ बातचीत करते हुए उसे गाइड भी कर सकते हैं। यह ठीक वैसे ही काम करता है जैसे कोई अनुभवी सहकर्मी मिलकर काम करता हो, और इस दौरान जरूरी जानकारी भी नहीं भूलता है।
खासियत
डेवलपर्स के लिए क्यों खास है यह मॉडल?
GPT-5.3 कोडेक्स अब सिर्फ कोड लिखने और चेक करने वाला टूल नहीं रह गया है। अब यह फाइल एडिट करना, वर्कफ्लो मैनेज करना, डाटा एनालिसिस करना और रिपोर्ट तैयार करना भी कर सकता है। इसे पूरे सॉफ्टवेयर लाइफसाइकल के लिए डिजाइन किया गया है, जिसमें डिबगिंग, टेस्टिंग और मॉनिटरिंग जैसे जरूरी काम शामिल हैं। OpenAI का कहना है कि यह मॉडल पिछले वर्जन से करीब 25 प्रतिशत ज्यादा तेज और भरोसेमंद भी है।
टक्कर
बढ़ती AI रेस और कड़ी टक्कर
GPT-5.3 कोडेक्स का लॉन्च ऐसे समय हुआ है जब AI कंपनियों के बीच मुकाबला लगातार तेज होता जा रहा है। एंथ्रोपिक ने भी हाल ही में अपना नया मॉडल क्लाउड ओपस 4.6 लॉन्च किया है। इससे साफ है कि OpenAI और एंथ्रोपिक जैसी बड़ी कंपनियां लगातार एक-दूसरे को कड़ी टक्कर दे रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में AI टूल्स सिर्फ मददगार नहीं, बल्कि काम को मैनेज करने वाले स्मार्ट एजेंट की भूमिका निभाएंगे।