वैज्ञानिकों ने खोजी मल्टीपल स्क्लेरोसिस का पता लगाने वाली नई MRI तकनीक
नॉटिंघम यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने एक ऐसा नया मैग्नेटिक रेजोनेंस इमेजिंग (MRI) स्कैन तैयार किया है, जिससे अब मल्टीपल स्क्लेरोसिस (MS) का पता लगाने के लिए कमर में दर्दभरी सुई (लंबर पंक्चर) लगवाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
यह टेस्ट दिमाग में मौजूद घावों में सेंट्रल वेन साइन नामक एक खास निशान की पहचान करता है। इसकी मदद से चिकित्सक MS को दूसरी बीमारियों से आसानी से अलग पहचान पाते हैं।
पहले इस काम के लिए एक असहज और पीड़ादायक प्रक्रिया से गुजरना पड़ता था।
नया तरीका पूरे UK में लागू करने की योजना
डॉ. क्रिस गिलमार्टिन का कहना है कि यह नया तरीका न केवल तेजी से काम करता है, बल्कि मरीजों के लिए भी बहुत कम तनाव भरा है। टेरेसा नीधम को इसी स्कैन की मदद से अपनी बीमारी का पता चला था और उन्हें इस बात की बहुत राहत मिली कि उन्हें सुई नहीं लगवानी पड़ी।
इस तकनीक को पूरे यूनाइटेड किंगडम (UK) में लागू करने की योजना है। यह उन सभी के लिए एक बड़ी राहत है, जो आरामदायक इलाज चाहते हैं।
साथ ही यह इस बात का भी प्रमाण है कि नॉटिंघम की MRI नवाचार की पुरानी परंपरा आज भी लोगों की जिंदगी को आसान बना रही है।