प्रशांत महासागर की गइराई में दिखे 44 साल पुराने खनन के निशान
एक नए अध्ययन से पता चला है कि 1979 में प्रशांत महासागर की तलहटी में हुए खनन के एक परीक्षण का असर आज भी दिख रहा है।
शोधकर्ताओं ने देखा कि कुछ छोटे समुद्री जीव तो वापस आ गए हैं, लेकिन खनिज नोड्यूल पर निर्भर रहने वाले बड़े जीव अभी तक पूरी तरह नहीं लौटे हैं।
यह इस बात का साफ संकेत है कि गहरे समुद्र में खनन से समुद्री इकोसिस्टम पर लंबे समय तक असर पड़ सकता है।
रोबोटक के इस्तेमाल से फिर किया निरीक्षण
प्रोफेसर डैनियल जोन्स और उनकी टीम 2023 में एक रोबोटिक सब का इस्तेमाल करके उस जगह पर वापस गए। उन्होंने पाया कि पुराने खनन उपकरणों के निशान 44 साल बाद भी वहां मौजूद हैं।
ऐसा इसलिए है क्योंकि इतनी गहराई (लगभग 5,000 मीटर नीचे) में चीजें बहुत धीरे-धीरे बदलती हैं। छोटे-छोटे जीव और बड़े सिंगल-सेल्ड जीव तो लौट आए हैं, लेकिन बड़ी प्रजातियां अभी भी कम ही देखने को मिल रही हैं।
ये निष्कर्ष इस बात पर जोर देते हैं कि हमें भविष्य में गहरे समुद्र के संसाधनों का प्रबंधन कैसे करना चाहिए, इस बारे में सोच-समझकर फैसला लेना कितना जरूरी है।