राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के मौके पर भारत मना रहा चंद्रयान-3 के 3 साल पूरे होने का जश्न
राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के मौके पर रविवार (23 अगस्त) को भारत चंद्रयान-3 की ऐतिहासिक लैंडिंग के 3 साल पूरे होने का जश्न मना रहा है।
चंद्रयान-3 ने इतिहास रचते हुए चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के पास कदम रखे थे। यह ऐसा इलाका था, जहां पहले कोई और देश नहीं पहुंच पाया था।
इस कामयाबी ने भारत को न केवल चांद की खोज करने वाले चुनिंदा देशों के खास समूह में शामिल किया, बल्कि यह भी साबित कर दिया कि पक्के इरादों और समझदारी भरे टीमवर्क से कुछ भी मुमकिन है।
2040 तक भारत इन मिशनों की तैयारी
चंद्रयान-3 की कामयाबी ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा। इसी वजह से नासा ने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान (ISRO) को अपने मून बेस प्रोग्राम में शामिल होने का न्योता दिया।
भविष्य की बात करें तो भारत की योजनाएं काफी बड़ी हैं। इसमें चांद पर और मिशन (चंद्रयान-4 और चंद्रयान-5), 2028 तक शुक्र ग्रह के चारों ओर चक्कर लगाने वाला एक ऑर्बिटर, 2035 तक अपना स्पेस स्टेशन और 2040 तक चांद पर भारतीय अंतरिक्ष यात्री भेजने की उम्मीदें शामिल हैं।