नासा के टेलीस्कोप ने सूर्य से 7 अरब साल पुराने धूमकेतु का रहस्य खोला
नासा के जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप ने पिछले साल खोजे गए एक इंटरस्टेलर धूमकेतु 3i/एटलस के बारे में कुछ चौंकाने वाले तथ्य सामने लाए हैं।
पता चला है कि यह खगोलीय पिंड हमारे सूर्य के जन्म से भी 7 अरब साल पहले बना हो सकता है। वैज्ञानिकों को सबसे ज्यादा हैरान करने वाली बात यह है कि इसकी मीथेन में ड्यूटेरियम और हाइड्रोजन का अनुपात, धूमकेतु 67P/चुरयुमोव-गेरासिमेंको की तुलना में 13 गुना ज्यादा है। सौरमंडल में 67P ही अब तक ऐसा इकलौता धूमकेतु था, जिसके इस अनुपात की पुष्टि की गई थी।
3i/एटलस धूमकेतु बर्फीले क्षेत्र में बना
शोधकर्ताओं का कहना है कि 3i/एटलस धूमकेतु अंतरिक्ष के ऐसे ठंडे और बर्फीले हिस्से में बना होगा, जहां खूब बर्फ और ब्रह्मांडीय किरणें मौजूद थीं और धातुओं की मात्रा भी कम थी।
ये ठीक वैसी ही स्थितियां थीं जैसी शुरुआती ब्रह्मांड में रही होंगी। अक्टूबर, 2025 में जब यह हमारे सूर्य के सबसे करीब से गुजरा तो वैज्ञानिकों को समय की शुरुआत वाली अछूती सामग्री देखने का मौका मिला।
इसके अध्ययन से हमें यह समझने में मदद मिलेगी कि यह धूमकेतु आखिर कैसे और कहां बना?