नासा टाइटन पर ईंधन का लगाया पता, अंतरिक्ष यात्री खुद बना सकेंगे खाना
नासा के वैज्ञानिक शनि के सबसे बड़े चंद्रमा टाइटन को गहरे अंतरिक्ष की यात्रा के लिए भविष्य के एक बड़े संसाधन केंद्र के तौर पर देख रहे हैं।
अपने घने वायुमंडल, मीथेन और प्रोपेन जैसे ढेर सारे हाइड्रोकार्बन के कारण टाइटन पर अंतरिक्ष यात्री खुद ही अपना ईंधन, खाना और निर्माण सामग्री तैयार कर सकते हैं। ऐसे में उन्हें पृथ्वी से सारा सामान ढोकर लाने की जरूरत नहीं होगी।
चुनौतियों के बावजूद टाइटन पर कई उम्मीदें
टाइटन के हाइड्रोकार्बन भंडार की वजह से चंद्रमा या मंगल की तुलना में रॉकेट ईंधन और प्लास्टिक बनाना ज्यादा आसान हो सकता है, लेकिन यहां कुछ बड़ी चुनौतियां भी हैं।
वहां बहुत ज्यादा ठंड (माइनस 290 डिग्री फारेनहाइट) होती है, गुरुत्वाकर्षण कम है और ऑक्सीजन भी नहीं है, ऐसे में अंतरिक्ष यात्रियों को इसे खुद ही बनाना पड़ेगा।
इन तमाम चुनौतियों के बावजूद, मुख्य शोधकर्ता कॉनर निक्सन का कहना है कि अगर, हम ऐसे मिशन तैयार करें, जो टाइटन के खास संसाधनों का इस्तेमाल कर सकें तो यह अंतरिक्ष की लंबी यात्राओं के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है।