नासा ने मंगल के 4.1 अरब साल पुराने उल्कापिंड का रहस्य किया उजागर
नासा ने मंगल ग्रह पर 13 ऐसी जगहों का पता लगाया है, जहां से तेघाजा 001 उल्कापिंड आया हो सकता है। यह पत्थर माली के सहारा रेगिस्तान में 2022 में मिला था और यह करीब 4.1 अरब साल पुराना है।
इसी वजह से यह पृथ्वी पर मिले मंगल के सबसे पुराने उल्कापिंडों में से एक है।
वैज्ञानिकों ने मंगल ऑर्बिटर से मिले डाटा की मदद से इसके खनिजों का मिलान मंगल ग्रह के उन क्षेत्रों से किया है, जो ज्यादातर प्राचीन दक्षिणी उच्चभूमि (हाइलैंड्स) में आते हैं।
तेघाजा 001 में मिले ज्वालामुखी खनिज संकेत
मंगल की दक्षिणी उच्चभूमि सबसे पुरानी जमीनों में से एक है, जिसमें ग्रह के शुरुआती दिनों के अहम सुराग छिपे हैं। तेघाजा 001 में मिले अजीब ज्वालामुखी खनिज ये संकेत देते हैं कि यह मंगल के ऐसे हिस्से से आया है, जिसके नमूने हमने पहले कभी नहीं लिए हैं। शोधकर्ताओं का मानना है कि एक एस्ट्रोयड के टकराने से यह मंगल से उछलकर पृथ्वी तक अपनी लंबी यात्रा पर आया होगा। हालांकि, यह किस खास क्षेत्र से आया था, यह अभी भी एक रहस्य है, जिसे वे सुलझाने की उम्मीद कर रहे हैं।