नासा ने लूनर आउटपोस्ट को सौंपा पेगासस रोवर बनाने का काम
नासा ने लूनर आउटपोस्ट को 22 करोड़ डॉलर (करीब 2,100 करोड़ रुपये) का अनुबंध दिया है, जिसके तहत वे पेगासस रोवर तैयार करेंगे।
यह रोवर चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के पास एक स्थायी बेस को स्थापित करने में मदद करेगा। यह रोवर बड़े-बड़े इलाकों में आसानी से घूम सकता है और इसे अंतरिक्ष यात्री खुद भी चला सकेंगे या फिर पृथ्वी से रिमोट कंट्रोल के जरिए भी नियंत्रित किया जा सकेगा।
पेगासस खोजेगा पानी की बर्फ
पेगासस को बेहद विषम तापमान में काम करने लायक बनाया गया है, जहां तापमान माइनस 410 डिग्री फारेनहाइट (-246 डिग्री सेल्सियस) से लेकर 250 डिग्री फारेनहाइट (121 डिग्री सेल्सियस) तक पहुंच जाता है। इसका मुख्य काम पानी की बर्फ खोजना और ऊबड़-खाबड़ जमीन की जांच करना है।
अपोलो के पुराने रोवर्स की तुलना में यह 100 गुना ज्यादा दूरी तय कर सकता है। ये सभी खूबियाँ चंद्रमा पर लंबे समय तक चलने वाले खोज अभियानों को एक नई गति देंगी।
नवंबर, 2027 तक पेगासस तैयार करने का लक्ष्य
अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी चाहती है कि पेगासस नवंबर, 2027 तक बनकर तैयार हो जाए। अगर, सब कुछ योजना के मुताबिक रहा तो यह रोवर भविष्य के चंद्रमा मिशनों में एक बहुत ही अहम भूमिका निभाएगा।
इसके जरिए इंसानों को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव को पहले से कहीं ज्यादा बेहतर तरीके से जानने और खोजने का अवसर मिलेगा।