नासा की चांद के दक्षिणी ध्रुव पर इंसान बसाने की तैयारी, चीन को देगा टक्कर
नासा ने हाल ही में 3 अमेरिकी कंपनियों को करीब 60 करोड़ डॉलर (करीब 5,600 करोड़ रुपये) के ठेके दिए हैं, जिनका लक्ष्य चांद के दक्षिणी ध्रुव पर एक बेस बनाना है।
इस स्थान को चुनने के पीछे वैज्ञानिकों का मानना है कि वहां की मिट्टी में पानी की बर्फ मौजूद है। अगर, वहां बर्फ मिल जाती है तो यह भविष्य में अंतरिक्ष यात्रियों के रहने और काम करने के लिए बेहद मददगार होगी।
इन मिशनों के तहत चांद पर भविष्य के ठिकाने की तैयारी के लिए जरूरी सामान और वैज्ञानिक उपकरण भेजे जाएंगे।
ब्लू ओरिजिन की खराबी से पड़ी बैकअप प्लान की जरूरत
इस साल की शुरुआत में ब्लू ओरिजिन से जुड़े एक प्रोजेक्ट में तकनीकी खराबी आ गई थी। इसकी वजह से चांद पर जरूरी उपकरण भेजने में देरी हो रही थी।
चांद पर बेस बनाने के अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी के प्रोग्राम मैनेजर कार्लोस गार्सिया-गैलन ने बताया कि एजेंसी ब्लू ओरिजिन के साथ मिलकर काम कर रही है। काम को पटरी पर रखने के लिए वे बैकअप विकल्पों पर भी विचार कर रहे हैं, जिसमें एक मार्स रोवर को दोबारा इस्तेमाल करने का प्रस्ताव भी शामिल है।
बता दें कि चीन भी चांद पर अपना बेस बनाने की दौड़ में है। इसी वजह से नासा भी इस नई अंतरिक्ष रेस में आगे निकलने के लिए तेजी से काम कर रहा है।