माइक्रोसॉफ्ट करेगी डाटा सेंटर्स के कारण बढ़े हुए बिजली बिलों का भुगतान, जानिए क्यों की घोषणा
क्या है खबर?
डाटा सेंटर्स के खिलाफ जनता के विरोध को देखते हुए OpenAI की साझेदार माइक्रोसॉफ्ट ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 'समुदाय-प्रथम' दृष्टिकोण की घोषणा की है। कंपनी ने उन समुदायों में एक अच्छे पड़ोसी के रूप में अपनी भूमिका निभाने के लिए आवश्यक कदम उठाने का वादा किया, जहां वह अपने डाटा सेंटर का निर्माण, स्वामित्व और संचालन करता है। इसमें स्थानीय बिजली बिलों को बढ़ने से रोकने के लिए खुद भुगतान करने की योजना भी शामिल है।
कीमतें
बिजली की बढ़ी हुई कीमत का भार उठाएगी कंपनी
कंपनी का कहना है कि वह स्थानीय बिजली कंपनियों के साथ मिलकर यह सुनिश्चित करेगी कि उसकी ओर से भुगतान की जाने वाली दरें स्थानीय ग्रिड पर उसके भार के पूरे हिस्से को कवर करें। माइक्रोसॉफ्ट ने कहा, "हम बिजली की कीमतें तय करने वाली यूटिलिटी कंपनियों और इसको मंजूरी देने वाले राज्य आयोगों के साथ मिलकर काम करेंगे। हमारा लक्ष्य यह सुनिश्चित करना कि हमारे डाटा सेंटर्स को बिजली सेवाएं प्रदान करने की लागत आवासीय ग्राहकों पर न पड़े।"
रोजगार
स्थानीय लोगों को मिलेगा रोजगार
कंपनी ने उन समुदायों में रोजगार सृजित करने का भी वादा किया है, जहां वह अपने सेंटर स्थापित करेगी। साथ ही अपने सेंटर्स के संचालन के लिए आवश्यक पानी की मात्रा को कम करने का भी वादा किया है। डाटा सेंटर्स द्वारा पानी का उपयोग स्पष्ट रूप से एक विवादास्पद मुद्दा रहा है, क्योंकि इन पर स्थानीय जल आपूर्ति के लिए गंभीर समस्याएं पैदा करने और अन्य पर्यावरणीय चिंताओं को बढ़ावा देने का आरोप लगाया गया है।
आवश्यकता
इस कारण पड़ी इन वादों की आवश्यकता
हाल के वर्षों में डाटा सेंटर निर्माण एक राजनीतिक मुद्दा बन गया है, जिससे स्थानीय समुदायों में तीव्र विरोध और आक्रोश देखने को मिल रहा है। डाटा सेंटर विरोधी गतिविधियों पर नजर रखने वाली संस्था डाटा सेंटर वॉच ने पाया है कि 24 राज्यों में फैले 142 से अधिक विभिन्न कार्यकर्ता समूह वर्तमान में इस तरह के निर्माण कार्यों के खिलाफ संगठित हैं। यह बात बिल्कुल स्पष्ट है कि माइक्रोसॉफ्ट को इस समय ये वादे करना जरूरी लग रहा है।