पालतू जानवरों के खाने में आ रहा प्लास्टिक, अध्ययन में खुलासा
एक नए अध्ययन से पता चला है कि ब्रिटेन में लगभग 5 में से एक कांटेदार जंगली चूहा (हेजहॉग) के मल (बीट) में माइक्रोप्लास्टिक्स पाए गए हैं।
शोधकर्ताओं को यह जानकर हैरानी हुई कि प्लास्टिक के ये कण सिर्फ कीड़े-मकौड़ों या मिट्टी से नहीं आ रहे, बल्कि शायद पालतू जानवरों आहार (पेट फूड) के जरिए भी उनके शरीर में पहुंच रहे हैं।
एनिमल बायप्रोडक्ट्स में ज्यादा मिली मात्रा
वैज्ञानिकों ने बिल्लियों, कुत्तों और हेजहॉग्स के 38 लोकप्रिय पेट फूड की जांच की। उन्हें पता चला कि इनमें से अधिकतर में माइक्रोप्लास्टिक्स मौजूद थे।
खासकर सस्ते और सूखे खाने वाले विकल्पों में यह समस्या ज्यादा देखने को मिली। जिन ब्रांड्स में जानवरों के उप-उत्पादों (एनिमल बायप्रोडक्ट्स) का इस्तेमाल होता था, उनमें तो प्लास्टिक की मात्रा और भी ज्यादा पाई गई।
दरअसल, मानव भोजन के मुकाबले पेट फूड में प्लास्टिक की मिलावट काफी अधिक थी। हालांकि, अभी तक यह पूरी तरह स्पष्ट नहीं है कि इन माइक्रोप्लास्टिक्स का जानवरों की सेहत पर क्या प्रभाव पड़ेगा, लेकिन विशेषज्ञों ने पालतू जानवरों के भोजन में इस्तेमाल होने वाली सामग्री के लिए कड़े नियम बनाने की मांग की है।