मेटा के CTO ने की छंटनी के बाद AI पुनर्गठन की आलोचना
मेटा के मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी (CTO) एंड्रयू बोसवर्थ ने मानl है कि इस साल कंपनी का आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पुनर्गठन 'अतर्कसंगत' था।
इस बदलाव के तहत 6,500 इंजीनियर्स और प्रोडक्ट मैनेजर्स को नई AI टीमों में भेजा गया, लेकिन इस कदम से कई कर्मचारियों में नाराजगी और भ्रम फैल गया। एक कर्मचारी ने तो इसकी तुलना 'गुलाग' (एक तरह की जेल) से कर डाली।
हर मैनेजर के पास कर्मचारियों की संख्या होगी सीमित
बोसवर्थ ने बताया कि कंपनी ने इन बदलावों के बारे में कर्मचारियों को ठीक से समझाया नहीं था और न ही उनका पूरा साथ दिया। इसका नतीजा यह हुआ कि कर्मचारियों का भरोसा टूटा और उनके करियर पर भी बुरा असर पड़ा। मई में 8,000 लोगों की छंटनी करने के बाद और 7,000 कर्मचारियों को AI भूमिका में भेजने से कंपनी के माहौल पर काफी बुरा असर पड़ा।
इस स्थिति को सुधारने के लिए मेटा अब हर मैनेजर के अधीन काम करने वाले कर्मचारियों की संख्या को सीमित करने की योजना बना रही है। इसके साथ ही, कंपनी अब पुनर्गठन के दौरान कर्मचारियों का बार-बार विभाग नहीं बदलेगी और साथ ही, बदलावों के पीछे की असली वजह भी खुलकर बताएगी।
उन्होंने ने यह भरोसा भी दिलाया कि मेटा के लिए AI सिर्फ एक टूल है, जो लोगों की मदद करेगा, न कि उनकी नौकरी छीनने का जरिया बनेगा।