AI स्मार्ट ग्लास से जुटाए गए निजी फुटेज को लेकर मेटा पर मुकदमा, क्या है मामला?
क्या है खबर?
फेसबुक और इंस्टाग्राम की मूल कंपनी मेटा पर अमेरिका में एक नया केस दर्ज किया गया है। यह मामला कंपनी के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) स्मार्ट ग्लास से जुड़ी प्राइवेसी चिंताओं को लेकर सामने आया है। रिपोर्ट्स के बाद यह विवाद बढ़ा, जिनमें दावा किया गया कि कुछ कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स ने यूजर्स द्वारा रिकॉर्ड किए गए सेंसिटिव वीडियो फुटेज को देखा था। इस मामले में यूजर्स का कहना है कि उन्हें यह जानकारी पहले नहीं दी गई थी।
मामला
क्या है पूरा मामला?
यह केस न्यू जर्सी की जीना बार्टोन और कैलिफोर्निया के माटेओ कैनू ने दायर किया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, केन्या में काम करने वाले कुछ कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स ने स्मार्ट ग्लास से इकट्ठा किए गए फुटेज की समीक्षा की थी। इन वीडियो में कथित तौर पर बेहद निजी और संवेदनशील दृश्य भी शामिल थे। बताया गया कि कुछ मामलों में न्यूडिटी, निजी गतिविधियों और अन्य व्यक्तिगत पलों से जुड़े वीडियो भी रिव्यू के दौरान सामने आए थे।
आरोप
कंपनी पर क्या लगाए गए आरोप?
केस करने वालों का आरोप है कि मेटा ने अपने स्मार्ट ग्लास की प्राइवेसी को लेकर यूजर्स को गुमराह किया। शिकायत में कहा गया है कि कंपनी ने अपने प्रोडक्ट को "प्राइवेसी के लिए डिजाइन किया गया" जैसे दावों के साथ प्रचारित किया। लेकिन यूजर्स को यह साफ जानकारी नहीं दी गई कि उनका फुटेज रिव्यू के लिए कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स तक भी पहुंच सकता है। इसके कारण कंज्यूमर प्रोटेक्शन कानूनों के उल्लंघन का आरोप लगाया गया है।
अन्य बातें
कंपनी और जांच से जुड़ी अन्य बातें
इस मामले में मेटा के साथ उसके मैन्युफैक्चरिंग पार्टनर लक्सोटिका ऑफ अमेरिका का नाम भी शामिल किया गया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, 2025 में करीब 7 लाख लोगों ने मेटा के स्मार्ट ग्लास खरीदे थे। मेटा का कहना है कि यूजर अगर AI सर्विस के साथ कंटेंट शेयर करते हैं तो कभी-कभी सिस्टम को बेहतर बनाने के लिए डेटा का रिव्यू किया जाता है। वहीं इस मामले को लेकर ब्रिटेन में भी प्राइवेसी रेगुलेटर ने जांच शुरू कर दी है।