मेटा ने ऑफकॉम के सेवा वर्गीकरण को अदालत में दी चुनौती
मेटा ने ब्रिटेन के ऑनलाइन सुरक्षा रेगुलेटर ऑफकॉम के खिलाफ कोर्ट में मुकदमा किया है। इसकी वजह यह है कि ऑफकॉम ने 'ऑनलाइन सेफ्टी एक्ट' के तहत व्हाट्सऐप और इंस्टाग्राम को 'कैटेगरी 1' की सर्विस का दर्जा दिया है। इसका मतलब है कि अब इन प्लेटफॉर्म्स को गैर-कानूनी कंटेंट को संभालने और ज्यादा पारदर्शिता रखने के लिए सख्त नियमों का पालन करना होगा।
मेटा का कहना है कि व्हाट्सऐप जैसे प्राइवेट मैसेजिंग ऐप्स के लिए ये शर्तें ठीक नहीं हैं।
ऑनलाइन सेफ्टी एक्ट में देरी होने की चिंता
यह केवल नियमों की बात नहीं है। मेटा अपनी दुनियाभर की कमाई के हिसाब से तय की गई रेगुलेटरी फीस से भी नाखुश है, जिन्हें कंपनी बहुत ज्यादा मानती है।
कंपनी इस बात पर भी सवाल उठा रही है कि ऑफकॉम उनसे कितनी जानकारी मांग रहा है। ब्रिटिश अधिकारियों को चिंता है कि इन कानूनी लड़ाइयों के कारण 'ऑनलाइन सेफ्टी एक्ट' में देरी हो सकती है, जिसे ऑनलाइन सुरक्षा को रेगुलेट करने के लिए बनाया गया था।