कानूनी पचड़े में पड़े मेटा के रे-बैन AI स्मार्ट ग्लासेज, जानिए क्या है मामला
क्या है खबर?
मेटा के एडवांस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) चश्मे मेटा रे-बैन स्मार्ट ग्लासेज मुश्किल में पड़ सकते हैं। AI स्मार्ट ग्लासेज बनाने वाली कंपनी सोलोस टेक्नोलॉजी ने मार्क जुकरबर्ग की मेटा और आईवियर ब्रांड एसिलोरलक्सोटिका के खिलाफ पेटेंट उल्लंघन का मुकदमा दायर किया है। इसमें दावा किया गया है कि कंपनियों ने उसकी पेटेंट तकनीकों को रे-बैन मेटा स्मार्ट ग्लासेज सीरीज में गैरकानूनी रूप से शामिल किया है, जिसका हाल ही में जेनरेशन 2 मॉडल लॉन्च हुआ है।
आरोप
कंपनी ने क्या लगाया आरोप?
रिपोर्ट के अनुसार, सोलोस का दावा है कि मेटा के पहले जेनरेशन के रे-बैन स्मार्ट ग्लासेज उसके पेटेंट द्वारा संरक्षित कॉन्सेप्ट का उपयोग करके बनाए गए थे। यह कथित उल्लंघन दूसरे जेनरेशन के मॉडल के साथ-साथ रे-बैन मेटा डिस्प्ले ग्लास में भी जारी है। मुकदमे में ऑडियो सिस्टम, सेंसर, कैमरे, माइक्रोफोन, स्पीकर और वॉयस-एक्टिवेटेड AI सुविधाओं को मानक चश्मे के फ्रेम में एकीकृत करने से संबंधित सोलोस के 5 पेटेंटों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया गया है।
मांग
मुकदमें में क्या की गई है मांग?
मुकदमें में आरोप लगाया गया है कि 2023 में लॉन्च किया गया रे-बैन मेटा वेफेयरर जेन 1 उसके कॉन्सेप्ट का उपयोग करके विकसित किया गया था। यह कथित उल्लंघन दूसरी जनरेशन के मॉडल और हाल ही में लॉन्च हुए रे-बैन मेटा डिस्प्ले चश्मों तक भी फैला हुआ है। सोलोस अरबों डॉलर के हर्जाने की मांग कर रही है और अदालत से रे-बैन स्मार्ट ग्लास की आगे की बिक्री पर रोक लगाने का भी अनुरोध कर रही है।