मेटा का स्मार्ट ग्लासेज से बिना सहमति के रिकॉर्डिंग करने पर सख्त रुख
मेटा के स्मार्ट ग्लासेज इन दिनों विवादों के घेरे में आ गए हैं। दरअसल, ऐसी खबरें सामने आई हैं कि कुछ लोग इन ग्लासेज का इस्तेमाल करके लोगों की सहमति के बिना ही उन्हें रिकॉर्ड कर रहे थे।
कंपनी के मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी (CTO) एंड्रयू बॉसवर्थ ने इस समस्या को स्वीकार किया है। उन्होंने बताया कि कंपनी ऐसे यूजर्स के अकाउंट निलंबित कर रही है और उन रिकॉर्ड किए गए कंटेंट को हटा देगी, जो ग्लासेज का गलत इस्तेमाल करते पाए जाएंगे। हालांकि, इन ग्लासेज में रिकॉर्डिंग शुरू होने पर एक LED लाइट जलती है, लेकिन कुछ यूजर्स ने उस लाइट को छिपाने या बंद करने का तरीका भी ढूंढ लिया था।
कई जगह लगी स्मार्ट ग्लासेज पर रोक
मेटा ने एक नया सॉफ्टवेयर अपडेट जारी किया है, जिससे अगर, कोई LED लाइट को ढंकने या उसमें छेड़छाड़ करने की कोशिश करेगा तो कैमरा अपने आप बंद हो जाएगा।
इसके अलावा, कंपनी ने यह समझाने के लिए एक विज्ञापन अभियान भी शुरू किया है कि निजता के लिए यह छोटी-सी लाइट कितनी अहम है। हालांकि, निजता से जुड़ी कई संस्थाएं अभी भी इस मामले से संतुष्ट नहीं हैं, खासकर इसलिए क्योंकि मेटा इन ग्लासेज में चेहरे की पहचान (फेशियल रिकग्निशन) तकनीक जोड़ने पर भी विचार कर रहा है।
इस पूरे विवाद के बाद अब कई जगह नए नियम लागू किए जा रहे हैं। बर्निंग मैन जैसे इवेंट में अब रिकॉर्डिंग के लिए साफ सहमति लेना अनिवार्य कर दिया है, वहीं न्यूयॉर्क के बेसमेंट नाइटक्लब ने भी अपनी 'नो-फोटो, नो-वीडियो' पॉलिसी को अपडेट किया है।
क्लब की नई नीति के मुताबिक, कोई भी व्यक्ति अगर, स्मार्ट ग्लासेज पहनकर या अपने साथ लेकर आता है तो उसे बाहर कर दिया जाएगा और उस पर हमेशा के लिए प्रतिबंध भी लगाया जा सकता है।
इसके अलावा, डेफकॉन जैसे आयोजनों में स्मार्ट ग्लासेज पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है।