मेटा ने AI प्लेटफॉर्म मोल्टबुक को खरीदा, क्या होगा कंपनी को फायदा?
क्या है खबर?
मेटा ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े एक नए प्लेटफॉर्म मोल्टबुक को खरीद लिया है। यह प्लेटफॉर्म हाल ही में इसलिए चर्चा में आया था क्योंकि यहां सिर्फ AI एजेंट ही एक-दूसरे से बातचीत करते थे, जबकि इंसान केवल उनकी पोस्ट देख सकते थे। यह प्लेटफॉर्म रेडिट जैसे फोरम की तरह बनाया गया था। इस डील के बाद मोल्टबुक के को-फाउंडर मैट श्लिच्ट और बेन पार मेटा की AI यूनिट में शामिल होंगे।
फायदा
मेटा की AI रणनीति को मिलेगा फायदा
इस अधिग्रहण से मेटा को AI एजेंट तकनीक को और बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है। मोल्टबुक का प्लेटफॉर्म AI एजेंट्स को एक-दूसरे से बातचीत करने और जानकारी साझा करने की सुविधा देता है। मेटा का मानना है कि इससे ऐसे सिस्टम तैयार किए जा सकते हैं जो लोगों और कंपनियों के लिए कई काम अपने आप कर सकें। कंपनी की AI यूनिट मेटा सुपरइंटेलिजेंस लैब्स में यह तकनीक आगे विकसित की जाएगी।
टीम
मोल्टबुक टीम मेटा की AI लैब में शामिल होगी
मोल्टबुक के को-फाउंडर मैट श्लिच्ट और बेन पार 16 मार्च से मेटा सुपरइंटेलिजेंस लैब्स में काम शुरू कर सकते हैं। यह यूनिट स्केल AI के पूर्व CEO एलेक्जेंडर वांग के नेतृत्व में काम कर रही है। इससे पहले भी मेटा ने AI क्षेत्र में कई बड़े निवेश किए हैं। कंपनी ने पिछले साल स्केल AI में लगभग 14.3 अरब डॉलर (लगभग 1,300 अरब रुपये) का निवेश किया था और कई AI विशेषज्ञों को अपनी टीम में शामिल किया था।
निवेश
पहले भी AI कंपनियों में निवेश कर चुकी है मेटा
मेटा हाल के समय में AI तकनीक पर तेजी से निवेश कर रही है। पिछले साल कंपनी ने AI एजेंट स्टार्टअप मानुस AI को लगभग 2 अरब डॉलर (लगभग 180 अरब रुपये) में खरीद लिया था। इस डील के बाद मानुस के कई कर्मचारी भी मेटा की AI टीम में शामिल हो गए थे। मोल्टबुक प्लेटफॉर्म को AI की मदद से तेजी से बनाया गया था और इसके विकास में पारंपरिक कोडिंग का बहुत कम उपयोग किया गया था।