एंड्रॉयड और आईफोन के बीच भेजे जाने वाले मैसेज हुए एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड
क्या है खबर?
ऐपल और गूगल ने एंड्रॉयड और आईफोन के बीच भेजे जाने वाले रिच कम्युनिकेशन सर्विसेज (RCS) मैसेज में एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन (E2EE) सुविधा देने की घोषणा की है। इसके लिए बीटा परीक्षण शुरू हो गया है। ऐपल ने iOS 18 के साथ आईफोन के लिए RCS सपोर्ट पहली बार पेश किया था। इसमें टाइपिंग इंडिकेटर, रीड रिसीट और हाई-रिजॉल्यूशन फोटो और वीडियो ट्रांसफर जैसी सुविधाएं शामिल थीं, लेकिन तब इन मैसेज के लिए E2E एन्क्रिप्शन उपलब्ध नहीं था।
फायदा
क्या होगा इस सुविधा का फायदा?
E2EE मैसेजिंग एक महत्वपूर्ण गोपनीयता सुविधा है, जो यूजर्स को हैकर्स, सरकारों या इन संचार प्लेटफॉर्म्स को बनाने वाली कंपनियों द्वारा निगरानी के प्रति काफी हद तक सुरक्षित बनाती है। जब ये मैसेज डिवाइसों के बीच भेजे जाते हैं तो वे रास्ते में ही एन्क्रिप्ट हो जाते हैं, जिससे किसी और के लिए मैसेज को रोकना और पढ़ना लगभग असंभव हो जाता है। इससे ऐपल, गूगल या दूरसंचार ऑपरेटर चाहकर भी चैट के कंटेंट तक नहीं पहुंच सकते।
उपलब्धता
कैसे होगी इस फीचर की उपलब्धता?
ऐपल यूजर अपने आईफोन और एंड्रॉयड डिवाइस के बीच चैट एन्क्रिप्टेड होने पर यह जान सकेंगे, जब उन्हें अपनी चैट में लॉक आइकन दिखाई देगा। आईफोन निर्माता का कहना है कि iOS 26.5 के लेटेस्ट वर्जन में अपडेट करने के बाद सभी RCS चैट के लिए E2EE डिफॉल्ट रूप से चालू हो जाता है। दूसरी तरफ, एंड्रॉयड यूजर्स को E2EE सुरक्षा का लाभ उठाने के लिए गूगल मैसेज ऐप के लेटेस्ट वर्जन पर होना आवश्यक है।