AI भारतीय नौसेना में ला रहा क्रांति, मानवरहित मंतंगी ने समुद्र में दिखाया दम
भारत ने अनमैन्ड सरफेस वेसल्स (मानव रहित समुद्री जहाज) बनाने वाले देशों के खास समूह में अपनी जगह बना ली। ऐसा तब हुआ, जब भारत के पहले अनमैन्ड सरफेस वेसल मंतंगी ने मुंबई से तूतीकोरिन तक का लंबा सफर तय किया।
यह नौसैनिक तकनीक में एक बहुत बड़ा और अहम कदम है। सागर डिफेंस इंजीनियरिंग ने इसे तैयार किया है और इसमें 'जेनेसिस' नाम का अपना खुद का आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सिस्टम लगा है। इसी की मदद से मंतंगी ने मुंबई से तूतीकोरिन तक 1,500 किलोमीटर का सफर बिना किसी इंसान के अकेले पूरा किया। इस उपलब्धि ने भारत को ऑटोनॉमस समुद्री तकनीक के क्षेत्र में दुनिया में एक खास पहचान दिलाई है।
ऑटोनॉमस नौसैनिक रक्षा कार्यक्रमों में तेजी
भारतीय नौसेना ने भारी मशीन गन वाली इंटरसेप्टर क्राफ्ट (छोटी नावें) पहले से ही तैनात कर दी हैं। ये नावें सैटेलाइट से नियंत्रित होने वाली 'स्वार्म एबिलिटीज' (झुंड में काम करने की क्षमता) से लैस हैं।
इनमें से कुछ नावें 300 समुद्री मील से भी ज्यादा दूरी तय कर सकती हैं और 40 नॉट्स से अधिक की रफ्तार से दौड़ सकती हैं।
दूसरी तरफ, रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) और परशु टैक्टिकल डिफेंस जैसे संस्थान भी मिशन का ऑटोमेशन बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रहे हैं।